पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में उनके पिता विशाल अग्रवाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सिया गोयल के पिता, मां, भाई, चाचा और चाची पर भी कथित साजिश में शामिल होने का शक जताया है।
विशाल अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने अभी चार्जशीट नहीं पढ़ी है और इसे पढ़ने के बाद ही इस बारे में विस्तार से टिप्पणी करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सिया गोयल की सह-आरोपी चेतन चौधरी से पहले ही गुपचुप शादी हुई थी, तो उसके परिवार ने केतन से उसकी शादी कराने की कोशिश क्यों की?
केतन के पिता ने सीएम फडणवीस से की क्या मांग?
विशाल अग्रवाल ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और उज्ज्वल निकम को विशेष सरकारी वकील नियुक्त करने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि इन मांगों पर अब तक कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं मिला है।
हत्या की साजिश में सिया के परिवार के किन लोगों के शामिल होने का जताया शक?
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि मुझे अभी तक चार्जशीट नहीं मिली है। जिससे मुझे जानकारी नहीं है कि किसे आरोपी बनाया गया है। मुझे जिस पर संदेह है, अगर चार्जशीट में उनका नाम शामिल नहीं है तो उनको भी आरोपी बनाना चाहिए। मेरी जानकारी के मुताबिक तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन पांच अन्य लोगों सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल, पूजा प्रवीण गोयल, साहिल प्रवीण गोयल, सिया के फूफा नरेंद्र जगन्नाथ मित्तल और बुआ रेनू नरेंद्र मित्तल पर संदेह है।
विशाल ने कहा कि अगर इन पांचों के नाम चार्जशीट में शामिल नहीं होंगे तो सीएम देवेंद्र फडणवीस से विनती करूंगा कि इस एंगल से इन्वेस्टिगेशन कर आरोपी बनाकर सजा दिलाएं।
खाटू श्याम मंदिर में गुपचुप शादी को लेकर क्या बोले केतन के पिता?
केतन अग्रवाल के पिता ने कहा कि हाल ही में एक अखबार में पढ़ा है कि इन लोगों ने खाटू श्याम मंदिर में जाकर शादी कर ली थी। अगर इस बात में सच्चाई है तो इसका अर्थ है कि ये पांच लोग, जिनका मैंने जिक्र किया है,सबने मुझे फंसाया है। इससे साबित होता है कि ये सब हत्या में शामिल हैं।
विशाल अग्रवाल ने बताया कि 18 जून को मेरे बेटे केतन की हत्या की गई। उसके बाद 19 जून को फूल उठाने का कार्यक्रम था। इस दौरान ये लोग हमारे घर पर आए थे। सिया से जब हत्या के बारे में पूछा गया तो रेनू मित्तल ने चिल्लाते हुए उंगुली दिखाते हुए बोला कि तूने कुछ बोला तो देख...। सिया को धक्का मारते हुए घर से बाहर ले गई। यह घटनाक्रम सिद्ध करता है कि रेनू मित्तल का बर्ताव ठीक नहीं था। रेनू को इस बात का डर था कि कहीं सिया उनका नाम न ले ले।