केरलम के मंत्री सनी जोसेफ ने कहा है कि वह केंद्र सरकार से डेयरी क्षेत्र को वीबी-जी राम जी योजना (विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)) के दायरे में शामिल करने का अनुरोध करेंगे, ताकि किसानों के सामने बढ़ती उत्पादन लागत की समस्या से निपटने में मदद मिल सके। जोसेफ ने कहा कि डेयरी किसान और डेयरी क्षेत्र से जुड़े समूह इस क्षेत्र की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत में लगातार बढ़ोतरी किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए कई मांगें रखी गई हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण डेयरी क्षेत्र को 'विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' योजना के तहत शामिल करना है। राज्य के बिजली मंत्री जोसेफ ने शनिवार को यहां एडक्कड में आयोजित प्रखंड स्तरीय डेयरी बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। जिला प्रशासन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।
केंद्र से मांग पर विचार करने की अपील
जोसेफ ने कहा कि वह केंद्र से इस मांग पर विचार करने का अनुरोध करेंगे, क्योंकि डेयरी किसानों के सामने आने वाली कठिनाइयों का असर इस क्षेत्र से जुड़े समूहों और उद्यमों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई परिवार लंबे समय से पशुपालन को आजीविका के साधन के रूप में अपनाए हुए हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र में कई बड़े और छोटे डेयरी फार्म भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि चारा और चारा घास के उत्पादन समेत कई संबद्ध गतिविधियां भी डेयरी क्षेत्र पर निर्भर हैं। जोसेफ ने कहा कि राज्य सरकार से मिलने वाली सहायता के अलावा डेयरी से जुड़े संगठन किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं भी लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेयरी फार्मिंग क्षेत्र में इस तरह बदलाव लाने की जरूरत है कि युवा पीढ़ी भी इस पेशे की ओर आकर्षित हो।