केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने दावा किया है कि 2016 में तत्कालीन सरकारी अधिकारी ज्ञानेश कुमार ने उन्हें भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने का सुझाव दिया था। थॉमसन के अनुसार, दिल्ली की उड़ान के दौरान हुई बातचीत में कुमार ने चुनाव जीतने पर केंद्र में मंत्री बनने की संभावना भी बताई थी।
केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर एक बड़ा दावा किया है। जिजी थॉमसन ने दावा किया कि वर्ष 2016 में सरकारी सेवा के दौरान ज्ञानेश कुमार ने उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद भाजपा में शामिल होकर लोकसभा चुनाव लड़ने का सुझाव दिया था। थॉमसन के अनुसार, ज्ञानेश कुमार ने यह भी कहा था कि अगर वह चुनाव जीत जाते हैं तो केंद्र सरकार में मंत्री बनने का मौका मिल सकता है।
विज्ञापन
थॉमसन के अनुसार, यह बातचीत वर्ष 2016 में दिल्ली जाने वाली एक उड़ान के दौरान हुई थी। उस समय वह और ज्ञानेश कुमार दोनों ही सरकारी सेवा में कार्यरत थे। थॉमसन के मुताबिक, उन्होंने इस सुझाव को उसी समय खारिज कर दिया था, क्योंकि उनकी चुनावी राजनीति में आने में कोई दिलचस्पी नहीं थी।
पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने किया और क्या दावा?
ज्ञानेश कुमार को लेकर थॉमसन का यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर राजनीतिक स्तर पर विवाद जारी है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
पूर्व मुख्य सचिव ने कहा कि उन्हें इस बात से विशेष रूप से आश्चर्य हुआ था कि ऐसा प्रस्ताव उस समय दिया गया, जब ज्ञानेश कुमार खुद एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
कौन हैं जिजी थॉमसन?
जिजी थॉमसन 1980 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने जनवरी 2015 से फरवरी 2016 तक केरल के मुख्य सचिव के रूप में काम किया। इसके बाद वह आईएएस से सेवानिवृत्त हो गए। अपने प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। इनमें स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के महानिदेशक और केरल स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक का पद भी शामिल रहा।
राजनीति से क्यों दूर रहे जिजी थॉमसन?
थॉमसन ने कहा कि उन्हें इससे पहले भी चुनावी राजनीति में आने के प्रस्ताव मिल चुके थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में कांग्रेस के कुछ नेताओं ने उनसे वट्टियूरकावु विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए कहा था। हालांकि, उन्होंने उस समय भी राजनीति में प्रवेश करने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।