केरलम के कितने जिलों में यलो अलर्ट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
केरलम के उत्तरी कन्नूर जिले के कई हिस्सों में मंगलवार को भारी बारिश हुई। इसके कारण मिट्टी खिसकने और सड़क पर मलबा आने की घटनाएं हुईं। एलायावूर में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण स्थल पर सुरक्षा दीवार गिरने के बाद मडस्लाइड हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी जगह पर तीन साल पहले भी बड़ी मडस्लाइड की घटना हुई थी। घटना के बाद जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से तत्काल रिपोर्ट मांगी।
पलचुरम में यातायात क्यों रुका?
सुबह करीब नौ बजे पलचुरम के चेकुथान थोडु के पास बड़ी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें सड़क पर आ गईं। इससे इस रास्ते पर यातायात प्रभावित हुआ। जिला कलेक्टर पी. विष्णुराज ने अधिकारियों को सड़क से मिट्टी और चट्टानों को जल्द हटाने के निर्देश दिए। पुलिस, अग्निशमन एवं बचाव दल और राजस्व विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति संभालने में जुट गए।
प्रशासन ने लोगों को क्या चेतावनी दी?
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने आगे भी मडस्लाइड की आशंका जताई है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जिला कलेक्टर ने पर्यटकों और ऐसे वाहनों को प्रभावित क्षेत्र में जाने से बचने को कहा है, जिन्हें वहां जाना जरूरी नहीं है। राज्य के बिजली मंत्री सनी जोसेफ, विधायक टीओ मोहानन और जिला कलेक्टर ने भी एलायावूर में प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया।
केरलम के कितने जिलों में बारिश का अलर्ट?
मौसम विभाग ने 25 अगस्त को केरलम के 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें पथनमथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड शामिल हैं। 26 अगस्त को पथनमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम में येलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 24 घंटे में 64.5 से 115.5 मिलीमीटर बारिश को भारी बारिश माना जाता है।
मडस्लाइड का आगे और कितना खतरा?
बारिश जारी रहने के कारण प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है। कन्नूर में पहले से मडस्लाइड की घटनाओं वाले यानी कीचड़ धंसने वाले क्षेत्रों में खतरा और बढ़ सकता है। फिलहाल प्रशासन का जोर सड़क से मलबा हटाने, यातायात बहाल करने और संवेदनशील इलाकों में लोगों की आवाजाही रोकने पर है। अधिकारियों ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।