सीएम शुभेंदु से मिलीं सीता देवी
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राजधानी कोलकाता में पार्क स्ट्रीट की फुटपाथ पर अपने बच्चे के लिए दूध गर्म करने को लेकर विवादों में आई महिला मंगलवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के जनता दरबार में पहुंची। गोद में बच्चे को लेकर पहुंची सीता देवी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला और उसके परिवार के रहने की व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान शुभेंदु ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके लोगों ने महिला को पैसे लेकर भाजपा के खिलाफ बोलने के लिए कहा था।
साल्टलेक स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित जनता दरबार के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सीता देवी ने उनके और भाजपा पर भरोसा जताया है। शुभेंदु ने कहा कि फुटपाथ लोगों के चलने के लिए है, रहने के लिए नहीं। उन्होंने महिला से कहा कि उसे सड़क पर नहीं रहना पड़ेगा और सरकार उसके परिवार के रहने की व्यवस्था करेगी।
ममता के प्रस्ताव पर भी किया पलटवार
पार्क स्ट्रीट की घटना के बाद सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि यदि जरूरत पड़ी तो वह अपने किसी सहयोगी के घर में इस परिवार के रहने की व्यवस्था करा सकती हैं। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और भोजन की व्यवस्था करने की भी बात कही थी। इस पर मुख्यमंत्री शुभेंदु ने पलटवार करते हुए कहा कि ममता बनर्जी महिला को अपने घर में क्यों नहीं रखतीं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए महिला की सहमति जरूरी है।
क्या है पूरा मामला
- पार्क स्ट्रीट की फुटपाथ पर महिला बच्चे के लिए दूध गर्म कर रही थी
- मंत्री अग्निमित्रा पाल के विरोध जताने का वीडियो हुआ था वायरल
- ममता बनर्जी ने परिवार के रहने, बच्चों की पढ़ाई और भोजन की व्यवस्था का दिया था प्रस्ताव
- मंगलवार को महिला मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के जनता दरबार में पहुंची
- मुख्यमंत्री ने परिवार के रहने की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया
मंत्री अग्निमित्रा ने भी दी सफाई
यह विवाद उस समय शुरू हुआ था, जब राज्य की नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने पार्क स्ट्रीट की फुटपाथ पर बच्चे के लिए स्टोव जलाकर दूध गर्म कर रही महिला को देख नाराजगी जताई थी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष और सामाजिक मीडिया पर उनकी आलोचना हुई। सोमवार को अग्निमित्रा ने अपने व्यवहार पर सफाई देते हुए कहा कि शायद उन्हें अपनी बात कुछ नरमी से और समझाकर कहनी चाहिए थी। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि फुटपाथ चलने के लिए हैं, रहने के लिए नहीं। उन्होंने शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को बेहतर बनाने तथा निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करने की जरूरत पर भी जोर दिया।