केरल के त्रिकक्कारा में सेना के एक अधिकारी पर हमले का मामला तूल पकड़ रहा है। इसको लेकर लोगों में आक्रोश फैल गया है। घटना 23 दिसंबर की रात केएमएम कला एवं विज्ञान कॉलेज में घटी, जहां राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) का शिविर आयोजित किया गया था। इसका वीडियो अब सामने आया है। इस बीच, मामले में सोमवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शिविर में 80 से अधिक कैडेट में (विषाक्त भोजन) के लक्षण दिखाई दिए थे। उनमें से कुछ को उल्टी भी हुई। इस कारण तनाव फैला। बाद में एसएफआई (माकपा की छात्र शाखा) की जिला प्रमुख भाग्य लक्ष्मी, भाजपा के पार्षद प्रमोद और उनके समर्थकों के नेतृत्व में एक भीड़ शिविर में घुसी। जिसने कथित तौर पर सेना के अधिकारी पर हमला किया।
आरोप है कि इस भीड़ ने शिविर में बाधा डाली और रात करीब साढ़े ग्यारह बजे दो व्यक्तियों ने एक अधिकारी पर हमला किया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अधिकारी हमला के होने के बावजूद शांत दिख रहा है। फूड पॉइजनिंग के आरोपों को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने शिविर से भोजन, पानी और मल के नमूने एकत्र किए, ताकि उनका विश्लेषण किया जा सके। हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई ठोस नतीजे सामने नहीं आए हैं।
शिविर के कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल करनैल सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर निराशा जताई थी। उन्होंने बताया था कि त्रिकक्कारा थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बावूजद हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा था, स्पष्ट सबूतों के बावजूद हमलावरों को गिरफ्तार करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इन सबूतों में एक मेडिकल रिपोर्ट और वीडियो फुटेज शामिल हैं। उन्होंने कहा, पुलिस की यह निष्क्रियता एनसीसी के कैडेट और अधिकारियों में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रही है। वहीं, पुलिस ने शिविर के अधिकारियों से हमलावरों के पते और संपर्क की जानकारी प्रदान करने को कहा था, ताकि जांच आगे बढ़ाई जा सके
हमला करने के आरोप में दो गिरफ्तार
ताजा जानकारी के मुताबिक,कोच्चि पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों की पहचान निशाद (फोर्ट कोच्चि) और नवास (पल्लुरुथी) के रूप में की गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इन आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार किया गया। पहले एनसीसी के अधिकारियों ने उनकी पहचान की, फिर उनकी गिरफ्तारी की गई।