टैक्सी ड्राइवरों के लोगों को एक जगह से दूसरे जगह ले जाने के कारण कोरोना वायरस से संक्रमित होने की संभावना ज्यादा रहती है। इससे बचने के लिए केरल के कोच्चि में अधिकारियों ने एक सुझाव दिया है कि सभी टैक्सी ड्राइवर अपने और यात्रियों के बीच एक पारदर्शी विभाजन स्थापित करें। इसके तहत ड्राइवर की सीट को पूरी तरह पारदर्शी प्लास्टिक से ढका जाए।
इसके तहत एक निजी टैक्सी कंपनी ने अपनी सभी टैक्सियों में ड्राइवर और यात्री के बीच पारदर्शी विभाजन किया है, ताकि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके। इस कंपनी की टैक्सियों को विमानों और जहाजों से लौटने वाले लोगों के परिवहन के लिए तैनात किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, पारदर्शी विभाजन स्थापित करना आसान है और यह ड्राइवरों के साथ-साथ यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करता है। साथ ही अधिकारियों ने ड्राइवरों को कोरोना से लड़ने के लिए जारी किए गए नए दिशा निर्देशों का पालन करने को भी कहा है।
दिशा निर्देशों में कहा गया है कि कार के दरवाजों को टैक्सी ड्राइवरों को खोलना होगा, यात्री को इसे खोलने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही ड्राइवर को कार में बैठने से पहले यात्री को सैनिटाइजर भी मुहैया कराना होगा।
इसमें कहा गया है कि यात्रा के दौरान टैक्सी में केवल दो यात्रियों को बैठने की अनुमति होगी, वह भी केवल पिछली सीट पर। किसी भी यात्री को आगे की सीट पर बैठने के अनुमति नहीं होगी। यात्री के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा, जबकि ड्राइवर को मास्क और ग्लव्स लगाना अनिवार्य होगा।
दिशा निर्देशों में कहा गया है कि टैक्सी ड्राइवर कैशलेस (ऑनलाइन) भुगतान को अपनाए, जिससे किसी भी शारीरिक संपर्क से बचा जा सके। ड्राइवरों को कहा गया है कि वह कार में एसी चलाने से बचें, क्योंकि हो सकता है इससे कोविड-19 को फैलने में मदद मिले। इसकी जगह, ड्राइवर यात्रा के दौरान कार का शीशा खुला रखें। एक बार यात्रा समाप्त हो जाने पर ड्राइवर को कार को साफ करना अनिवार्य होगा।