केरल की सरकारी स्कूलों के करीब 200 छात्रों ने एक अनोखा और रोमांचक अनुभव हासिल किया जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से सीधे भारत के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से बात की। यह मौका उनके जीवन का एक अविस्मरणीय पल बन गया।
छात्रों ने शुभांशु शुक्ला से पूछे कई सवाल
कोझिकोड के नयारकुझी में मौजूद गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल की कक्षा 10 की छात्रा संगीवी अपनी खुशी छिपा नहीं पाई। वह बोली, 'मैं बहुत खुश और उत्साहित थी। हमने उनसे ढेर सारे सवाल पूछे और उन्होंने बहुत धैर्य से जवाब दिए। उन्होंने दिखाया कि शून्य गुरुत्वाकर्षण में वे कैसे तैरते हैं और गेंद से खेलते हैं।'
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लखनऊ के भी कुछ छात्रों को मिला मौका
शुभांशु शुक्ला, जो विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं, ने थिरुवनंतपुरम के विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (वीएसएससी) में मौजूद छात्रों से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। छात्रों को बातचीत के लिए करीब 10 मिनट का समय मिला। लखनऊ में शुभांशु शुक्ला के गृहनगर के कुछ छात्रों को भी यह मौका मिला।
शुभांशु ने अपने प्रयोगों के बारें छात्रों को दी जानकारी
कोझिकोड के जीएचएसएस, कोक्कल्लूर की छात्रा निरंजना ने बताया, 'छात्रों का चयन अपर सेकेंडरी स्कॉलरशिप (यूएसएस) परीक्षा के प्रदर्शन और विज्ञान क्लब में सक्रियता के आधार पर किया गया था।' छात्र आदित्य ने बताया, 'उन्होंने अंतरिक्ष यात्रा, वहां का खाना, फुर्सत का समय और अंतरिक्ष स्टेशन में किए जा रहे वैज्ञानिक प्रयोगों के बारे में बताया। उन्होंने हमें हमेशा जिज्ञासु रहने और विज्ञान में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया।'
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पूरे कार्यक्रम को रखा गया था गोपनीय
इस कार्यक्रम को बेहद गोपनीय रखा गया। न तो मीडिया को आमंत्रित किया गया और न ही चयन प्रक्रिया की पहले से घोषणा की गई। एक अभिभावक ने बताया, 'हमें पहले ही बता दिया गया था कि इस कार्यक्रम की कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं करनी है।' वीएसएससी ने छात्रों को रेलवे स्टेशन से अपने वाहनों में लाकर केंद्र पहुंचाया, जबकि उनके माता-पिता दिनभर तिरुवनंतपुरम में उनका इंतजार करते रहे।
बता दें कि 26 जून को भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष में कदम रखकर इतिहास रच दिया। 28 घंटे की पृथ्वी के चारों ओर यात्रा के बाद जब उनका यान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ा, तो वहां मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने उन्हें गर्मजोशी से गले लगाया। अंतरिक्ष स्टेशन में प्रवेश करते हुए 39 वर्षीय शुभांशु शुक्ला ने 'जय हिंद, जय भारत' का नारा दिया और 634वें अंतरिक्ष यात्री बन गए। वे 41 साल बाद अंतरिक्ष जाने वाले पहले भारतीय हैं।