सेना में अर्दली व्यवस्था के ‘बेजा इस्तेमाल’ को लेकर एक स्टिंग वीडियो के सामने आने के बाद मृत मिले जवान का शनिवार को परिवार के जोर देने पर फिर से पोस्टमार्टम किए जाने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिवार ने उसकी मौत को लेकर शंका जाहिर की थी।
इससे पहले रॉय मैथ्यू का शव शनिवार सुबह महाराष्ट्र से विमान के जरिये राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम लाया गया। महाराष्ट्र में नासिक की देवलाली छावनी के एक बैरक से बृहस्पतिवार को को 33 वर्षीय मैथ्यू का शव छत से लटकता मिला था। उनके परिजनों ने यह मानने से इनकार किया कि उन्होंने इस तरह से अपनी जिंदगी खत्म की होगी।
मैथ्यू की पत्नी फिनी और दूसरे रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि उसके पैर पर पीटे जाने के निशान थे और कुछ जगहों पर खून का थक्का बन गया था।
परिजनों ने कहा था कि वो तब तक मैथ्यू का शव स्वीकार नहीं करेंगे जब तक केरल में नए सिरे से पोस्टमार्टम नहीं कराया जाता। सैकड़ों लोगों ने तिरंगे में लिपटे सैनिक के शव को श्रद्धांजलि दी। बाद में स्थानीय चर्च में उसका अंतिम संस्कार किया गया। मैथ्यू 13 साल पहले सेना में शामिल हुआ था। वह पिछले एक साल से नासिक कैंप के रॉकेट रेजीमेंट 214 में तैनात था।