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केरल में SIR के बाद 2.69 करोड़ मतदाता, महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा; गुजरात-पुडुचेरी का भी हाल जानिए

Fri, 20 Feb 2026 04:38 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

केरल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची अपडेट हुई है। इसके तहत राज्य में अब कुल 2,69,53,644 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इतना ही नहीं ड्राफ्ट सूची से संख्या बढ़ी है। इसके साथ ही महिला मतदाताओं की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। यहां जानिए क्या कहते हैं राज्य में मतदाताओं के कुल आंकड़े?

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केरल SIR - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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केरल में इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। इससे पहले राज्य में चुनाव आयोग की तरफ से कराए गए विशेष गहण पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची को अपडेट कर दिया गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर के कार्यालय के मुताबिक, अब राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 2,69,53,644 हो गई है। यह अंतिम आंकड़े शुक्रवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद जारी किए गए।

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नई मतदाता सूची 21 फरवरी को आधिकारिक रूप से प्रकाशित की जाएगी और आगामी विधानसभा चुनाव में यही सूची लागू होगी। बता दें कि 23 दिसंबर को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 2.54 करोड़ मतदाता दर्ज थे। एसआईआर प्रक्रिया के पहले चरण में पूरे राज्य में 2.78 करोड़ फॉर्म बांटे गए थे। जांच, सुनवाई और सुधार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मतदाताओं की अंतिम संख्या बढ़कर 2.69 करोड़ हो गई है।

राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक
एसआईआर के बाद सामने आए कुल मतदाताओं के आंकड़ों में महिलाओं की संख्या अधिक बताई गई है। कुल मतदाताओं में 1.31 करोड़ पुरुष और 1.38 करोड़ महिलाएं हैं। इस तरह राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। हालांकि अंतिम सूची में 2,23,558 प्रवासी (ओवरसीज) मतदाता भी शामिल हैं।
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हटाए गए नामों का आंकड़ा भी समझिए

इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि ड्राफ्ट सूची से 53,229 नाम हटाए गए। यह सुनवाई राज्य की सभी 140 विधानसभा सीटों पर की गई थी। हटाए गए नामों में जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जिन्होंने विदेशी नागरिकता ले ली है, जो दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो गए हैं, जिनके नाम दो बार दर्ज पाए गए ऐसे लोग शामिल हैं। 

कितने लोगों को भेजा गया नोटिस
गौरतलब है कि ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद भारत का चुनाव आयोग ने 36,88,948 लोगों को सुनवाई के लिए नोटिस भेजे थे। अब इन सभी मामलों की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इनमें 19,32,688 नो मैपिंग मतदाता (जिनका विवरण 2002 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहा था) और 17,56,260 ऐसे मतदाता जिनके रिकॉर्ड में स्थानीय स्तर पर गड़बड़ी थी, शामिल है। 

अब नए आवेदन और सुधार के बारे में भी जानिए
गौरतलब है कि 27 अक्तूबर 2025 से 30 जनवरी 2026 के बीच 13,51,151 नए आवेदन (फॉर्म-6) मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए स्वीकार किए गए। 1,59,111 प्रवासी मतदाताओं (फॉर्म-6A) के आवेदन मंजूर किए गए। 24,28,639 आवेदन नाम जोड़ने या हटाने के लिए प्रोसेस किए गए। 3,93,333 फॉर्म रिकॉर्ड में सुधार के लिए स्वीकार किए गए। 

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अब जानिए इन राज्यों का हाल
वहीं विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद गुजरात, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में मतदाताओं की संख्या में बड़ी कमी दर्ज की गई है। शुक्रवार को चुनाव आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इन तीनों क्षेत्रों में कुल मिलाकर करीब 69 लाख मतदाता कम हो गए हैं। बात पहले गुजरात की करे तो एसआईआर शुरू होने से पहले मतदाताओं की संख्या 5.08 करोड़ थी। अंतिम सूची जारी होने के बाद यह घटकर 4.40 करोड़ रह गई। यानी यहां 68.12 लाख मतदाता कम हुए, जो करीब 13.40 प्रतिशत की कमी है।

लक्षद्वीप और पुडुचेरी में मामूली बदलाव
लक्षद्वीप में एसआईआर से पहले 57,813 मतदाता थे। अंतिम सूची में यह संख्या घटकर 57,607 रह गई। यहां सिर्फ 206 मतदाताओं की कमी हुई, जो 0.36 प्रतिशत है। वहीं चुनाव की तैयारी कर रहे पुडुचेरी में एसआईआर से पहले 10.21 लाख से अधिक मतदाता थे। अंतिम सूची में यह संख्या घटकर 9.44 लाख रह गई। यानी यहां करीब 7.57 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। कुल मिलाकर गुजरात, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में एसआईआर से पहले कुल मतदाता संख्या 5.19 करोड़ थी। अंतिम सूची आने के बाद यह घटकर 4.50 करोड़ रह गई। यानी कुल मिलाकर 68.9 लाख मतदाताओं की कमी आई है।


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