केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी के मद्देजर एहतियात के तौर पर सबरीमाला मंदिर के आसपास धारा-144 को 8 दिसंबर की मध्य रात्रि तक बढ़ा दिया गया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, स्पेशल ऑफिसर और अडिशनल मैजिस्ट्रेट इंचार्ज द्वारा जमा की गई रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया है।
व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंची निगरानी समिति ने जताई संतुष्टि
उधर, केरल हाईकोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय निगरानी समिति ने सबरीमाला मंदिर में व्यवस्थाओं की पड़ताल की। पड़ताल के बाद उन्होंने मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के प्रति संतुष्टि जताई। समिति में शामिल डीजीपी हेम चंद्रन ने कहा, 'यह गलतफहमी है जो जानबूझकर फैलाई जा रही है। मैं मीडिया से अनुरोध करता हूं कि इस तरीके के प्रचार संचालित समाचारों से बचकर तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करें।' बता दें कि इससे पहले सबरीमाला मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए उचित व्यवस्थाएं न होने से संबंधित कई शिकायतें आई थीं। इसपर केरल हाईकोर्ट ने एक तीन सदस्यीय निगरानी समिति का गठन किया था। समिति को मंदिर में व्यवस्थाओं की हकीकत परखने का कार्यभार दिया गया था।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को दिए फैसले में भगवान अय्यपा के मंदिर में 10 से 50 साल की बच्चियों और महिलाओं के प्रवेश पर लगे सदियों पुराने प्रतिबंध को खत्म कर दिया था। याचिका में कहा गया है कि केरल हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं के कारण राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करने में परेशानी हो रही है।