केरल में निपाह वायरस का कहर जारी है। इसी देखते हुए कोझिकोड जिले में एहतियात के तौर पर स्कूल, कॉलेज और अन्य सभी शैक्षणिक संस्थानों को 12 जून तक के बंद कर दिया गया है। इससे पहले वायंद, कन्नूर और मल्लापुरम के स्कूलों को 5 जून तक बंद रखने का फैसला किया गया था। वहीं कोझिकोड के स्कूलों को शुक्रवार को दोबारा खोला गया था।
बता दें कि कोझिकोड में एक 39 वर्षीय महिला की मौत के बाद यह फैसला लिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला को निपाह वायरस से पीड़ित होने की आशंका के चलते निगरानी में रखा गया था। हालांकि महिला की मौत के कारण की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।
उल्लेखनीय है कि केरल में निपाह वायरस से 16 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, वायरस की चपेट में आने की पुष्टि होने से पहले उसके संपर्क में आए 1,353 लोगों को निगरानी में रखा गया है।
निपाह वायरस :
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक निपाह एक ऐसा वायरस है जो चमगादड़ों से इंसानों में फैलता है। यह जानवरों और इंसानों दोनों में गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है। इस वायरस का मुख्य स्रोत फल खाने वाले चमगादड़ (फ्रूट बैट) हैं। इन्हें फ्लाइंग फॉक्स के नाम से भी जाना जाता है।
निपाह वायरस के लक्षण :
निपाह वायरस के लक्षण दिमागी बुखार की तरह ही हैं। बीमारी की शुरुआत सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आना, तेज सिरदर्द और फिर बुखार से होती है है। इसके बाद बुखार दिमाग तक पहुंच जाता है, जिससे मरीज की मौत भी हो सकती है।