फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केरल राहुल ममकूटथिल केस: अभियोजक पक्ष ने वॉयस क्लिप की प्रामाणिकता पर उठाए सवाल, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

Sat, 24 Jan 2026 03:45 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

केरल के निष्कासित कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटथिल के खिलाफ तीसरे यौन उत्पीड़न मामले में जमानत सुनवाई के दौरान अभियोजन ने बचाव पक्ष की वॉयस क्लिप को संदिग्ध बताया। सरकारी वकील ने कहा कि क्लिप की न तो आवाज की पहचान स्पष्ट है और न ही इसे किसी सक्षम प्राधिकारी से प्रमाणित कराया गया है। सेशंस कोर्ट ने फैसला 28 जनवरी के लिए सुरक्षित रखा है।

विज्ञापन
कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल को हाईकोर्ट से मिली राहत। - फोटो : facebook/rahulbrmamkootathil
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केरल के निष्कासित कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटथिल से जुड़े तीसरे यौन उत्पीड़न मामले में जमानत पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बड़ा दावा किया है। शनिवार को अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि बचाव पक्ष द्वारा पेश की गई वॉयस क्लिप असली नहीं लगती और इसकी प्रामाणिकता साबित नहीं हुई है। यह बात सरकारी वकील टी. हरिकृष्णन ने सेशंस कोर्ट में राहुल ममकूटथिल की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कही। इसके बाद सेशंस कोर्ट ने अपने आदेश को 28 जनवरी के लिए सुरक्षित रखा है।

विज्ञापन


अभियोजन ने अदालत को बताया कि जिस ऑडियो क्लिप के आधार पर आरोपी यह दावा कर रहा है कि उसका पीड़िता के साथ संबंध आपसी सहमति से था, उस क्लिप में यह साफ नहीं है कि आवाज वास्तव में पीड़िता की ही है। साथ ही इस वॉयस रिकॉर्डिंग को किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित या सत्यापित नहीं किया गया है।

ये भी पढ़ें:- Maharashtra: 'अजित पवार की एनसीपी का शरद पवार की पार्टी के साथ विलय होगा', संजय राउत का बड़ा दावा
विज्ञापन


बचाव पक्ष के वकीलों की दलील

वहीं दूसरी ओर बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में यह वॉयस रिकॉर्डिंग पेश करते हुए दलील दी कि इससे यह साबित होता है कि राहुल ममकूटथिल और पीड़िता के बीच संबंध सहमति से थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने इस मामले में अपना आदेश 28 जनवरी के लिए सुरक्षित रख लिया है।

बता दें कि राहुल ममकूटथिल ने 17 जनवरी को मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद सेशंस कोर्ट में अपील दायर की थी। यह तीसरा यौन उत्पीड़न मामला 8 जनवरी को कोट्टायम जिले की एक महिला की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (दुष्कर्म) और 506(1) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Congress: चंद्रपुर नगर निकाय में कांग्रेस नेताओं का अंदरूनी विवाद सुलझा, अलग अलग गुट में बंटे थे पार्षद
  
11 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी

पुलिस ने राहुल ममकूटथिल को 11 जनवरी को पलक्कड़ से गिरफ्तार किया था। इससे पहले, केरल हाई कोर्ट और तिरुवनंतपुरम की एक सेशंस कोर्ट ने राहुल ममकूटथिल को पहले दो यौन उत्पीड़न मामलों में गिरफ्तारी से राहत दी थी। ये दोनों मामले अलग-अलग महिलाओं की शिकायतों के आधार पर दर्ज किए गए थे।

अन्य वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें