फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kerala: दोबारा शादी करने वाले मुस्लिम दंपती पर इस्लाम का अपमान करने का आरोप, पुलिस ने घर के आसपास बढ़ाई चौकसी

Fri, 10 Mar 2023 12:07 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, कासरगोड (केरल)।

सार

वकील सी शुक्कुर ने बुधवार को अपनी पत्नी शीना, महात्मा गांधी विश्वविद्यालय के पूर्व प्रो-वाइस चांसलर, से विशेष विवाह अधिनियम (एसएमए) के तहत होसदुर्ग तालुक के कान्हागढ़ में उप-रजिस्ट्रार के कार्यालय में दोबारा शादी की।
विज्ञापन
केरल पुलिस (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केरल के कासरगोड जिले में एक मुस्लिम जोड़े ने अपनी बेटियों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोबारा शादी की। केरल पुलिस ने गुरुवार को कहा कि उसने मुस्लिम वकील के घर के आसपास निगरानी बढ़ा दी है, जिसने अपनी बेटियों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष विवाह अधिनियम के तहत अपनी पत्नी से दोबारा कोर्ट मैरिज की है। 

विज्ञापन


एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि व्यक्ति और उनके परिवार के खिलाफ कुछ संगठनों द्वारा धमकियों की खबरों के मद्देनजर यहां कान्हागढ़ में वकील सी शुक्कुर के घर के आसपास चौकसी बढ़ा दी गई है। वकील और अभिनेता सी शुक्कुर 'नन्ना थान केस कोडु' फिल्म में वकील की भूमिका करने के लिए जाने जाते हैं।

बेटियों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया फैसला
शुक्कुर ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महात्मा गांधी विश्वविद्यालय की पूर्व प्रो-वाइस चांसलर शीना से विशेष विवाह अधिनियम (एसएमए) के तहत अपनी तीन बेटियों की उपस्थिति में होसदुर्ग तालुक के कान्हागढ़ में उप-रजिस्ट्रार के कार्यालय में दोबारा शादी की। दंपति ने एसएमए के तहत पुनर्विवाह करने का फैसला किया क्योंकि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत उनके बेटियों को अपने पिता की संपत्ति का केवल दो-तिहाई हिस्सा मिलेगा और बाकी पुरुष उत्तराधिकारी की अनुपस्थिति में उनके भाइयों के पास चला जाएगा। गौरतलब है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ संपत्ति के उत्तराधिकार को भी नियंत्रित करता है।
विज्ञापन


मीडिया रिपोर्ट पर पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस अधिकारी ने कहा कि अभी तक व्यक्तिगत सुरक्षा दिए जाने जैसा कुछ नहीं है। परिवार या घर के लिए कोई पूर्णकालिक सुरक्षा नहीं दी गई है। लेकिन, हमने उनके घर के परिसर के आसपास की निगरानी को मजबूत कर दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या वकील के खिलाफ किसी संभावित हमले के बारे में कोई खुफिया जानकारी थी, उन्होंने नहीं में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया ने पिछले दो दिनों में पुनर्विवाह की इस घटना के बारे में व्यापक रूप से रिपोर्ट किया है। आज, कुछ समाचार पत्रों ने कुछ धार्मिक संस्थानों द्वारा परिवार के खिलाफ जारी किए गए एक कथित फतवे के बारे में रिपोर्ट की है।

इस्लाम का अपमान करने की कोशिश: सुन्नी उच्च शिक्षा संस्थान
अधिकारी ने कहा कि हालांकि राज्य पुलिस के पास खतरे के संबंध में कोई प्रत्यक्ष जानकारी नहीं है, लेकिन मीडिया रिपोर्टों के आधार पर क्षेत्र में निगरानी तेज करने का निर्णय लिया गया है। मुस्लिम जोड़े के पुनर्विवाह को सोशल मीडिया पर आलोचना और अनुमोदन दोनों मिला है। केरल के एक प्रख्यात सुन्नी उच्च शिक्षा संस्थान ने इस शादी पर अपनी राय जाहिर करते हुए कहा कि युगल का यह निर्णय मुस्लिम पर्सनल लॉ और इस्लाम का अपमान करने का एक प्रयास है। 

सुन्नी उच्च शिक्षा संस्थान ने कहा कि दोबारा शादी करना एक 'नाटक' और 'संकीर्ण सोच' का संकेत है। उन्होंने कहा कि वह अपने भाइयों को अपनी मौत के बाद अपनी जायदाद का एक-तिहाई हिस्सा नहीं देना चाहते, इससे उनकी संर्कीण मानसिकता का पता चलता है। संस्थान का विचार है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ और इस्लाम को मानने वाले हर व्यक्ति को इस दंपती की दूसरी शादी का विरोध करना चाहिए।

शुक्कुर ने अपने फेसबुक पेज पर इस विरोध को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन पर हुए किसी शारीरिक हमले के लिए शैक्षणिक संस्थान जिम्मेदार होगा।उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस और जांच एजेंसियां ऐसे भड़काऊ बयानों पर ध्यान दे रही होंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें