केरल पुलिस ने कासरगोड क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर आर शिवशंकरन को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। शिवशंकरन पर एक महिला के यौन शोषण का आरोप था। बता दें कि शिवशंकरन के रिटायरमेंट में महज दो महीने का वक्त बचा था लेकिन लगातार शिकायतों के चलते केरल पुलिस ने उसके खिलाफ यह सख्त कार्रवाई की।
केरल पुलिस के डीजीपी अनिल कांत ने एक बयान में बताया कि शिवशंकरन का व्यवहार पुलिस फोर्स के हिसाब से सही नहीं पाया गया। यही वजह है कि केरल पुलिस कानून की धारा 86 (3) के तहत आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर को बर्खास्त करने का आदेश दिया है। इससे पहले डीजीपी अनिल कांत ने आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था और आरोपी पुलिस अधिकारी का पक्ष जानने के बाद उसे बर्खास्त करने का आदेश दिया।
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बता दें कि जिस पुलिस इंस्पेक्टर को बर्खास्त किया गया है, उसके खिलाफ लगातार शिकायतें मिलती रही हैं। साल 2006 के बाद से आर शिवशंकरन को चार बार निलंबित किया गया। साथ ही 11 बार उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई। आरोपी के खिलाफ ये कार्रवाई बलात्कार, मासूमों को झूठे मुकदमों में फंसाने के आरोप, अवैध संपत्ति आदि आरोपों में हुई। आर शिवशंकरन की बर्खास्तगी एक महिला शिकायतकर्ता को गाड़ी से टक्कर मारने के मामले में हुई है।
दरअसल अगस्त 2019 में एक महिला अपनी शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन आई थी। आरोप है कि इस दौरान आर शिवशंकरन ने उस महिला की नग्न तस्वीरें खींच ली और उन्हें सार्वजनिक कर महिला को बदनाम करने की धमकी दी। इस मामले के खुलासे के बाद शिवशंकरन का कासरगोड तबादला कर दिया गया। इस दौरान उसने केस पर बात करने के लिए महिला को बुलाया और कथित तौर पर इस दौरान उसने अपनी गाड़ी से महिला को टक्कर मार दी। अब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसके रिटायरमेंट से महज दो माह पहले उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया।