केरल में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के राज्य सचिव के एस शान की हत्या के मामले में पुलिस ने सोमवार को बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने कहा कि 18 दिसंबर को अलाप्पुझा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता नंदू कृष्ण की हत्या का बदला लेने के लिए के एस शान की हत्या हुई थी। केरल पुलिस ने अलाप्पुझा की एक स्थानीय अदालत में रिमांड रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि एसडीपीआई नेता की हत्या पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए की गई थी। यह इस साल फरवरी में हुई नंदू कृष्ण की हत्या के विरोध में आरएसएस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने शान की हत्या में शामिल लोगों को छिपने में मदद की। केरल पुलिस ने एसडीपीआई नेता की हत्या करने वाले पांच सदस्यीय गिरोह सहित 14 लोगों को गिरफ्तार करने के बाद बड़ा दावा किया। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार किए गए सभी लोग आरएसएस से जुड़े हैं। बता दें कि के एस शान की हत्या के बाद, अलाप्पुझा में भारतीय जनता पार्टी अन्य पिछड़ी जातियों (ओबीसी) मोर्चा के राज्य सचिव रंजीत श्रीनिवास की भी हत्या कर दी गई।
16 आरोपियों की पहचान हुई
अलाप्पुझा के एसपी जी जयदेव ने बताया ने बताया कि एसडीपीआइ के राज्य सचिव केएस शान की हत्या के मामले में 16 आरोपियों की पहचान की गई है। आरोपियों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। इस षड्यंत्र के पीछे कई लोग शामिल हैं। हमें साजिश में बाकी लोगों की संलिप्तता पता लगाने की भी जरूरत है। हालांकि, ये सब हम सबूतों और गवाहों के बाद ही कर सकते हैं।
20 दिसंबर को एसडीपीआई के राज्य सचिव शान केएस की हुई थी हत्या
एसडीपीआई के राज्य सचिव शान केएस (38) की 20 दिसंबर की रात अज्ञात गिरोह ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी। एसडीपीआई नेता पर उस समय हमला किया गया, जब वह अपने स्कूटर पर मन्नाचेरी में घर लौट रहे थे। पुलिस ने कहा कि एक कार में आए हमलावरों ने पहले उसके दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी और नीचे गिरने पर उनपर कई बार चाकू से हमला कर दिया गया। पीड़ित को कई फ्रैक्चर और सिर में चोटें आईं और बाद में एर्नाकुलम के एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं।