पुलिस ने बताया कि अस्पताल अधीक्षक और डायलिसिस यूनिट के कर्मचारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य) और 106 (1) (लापरवाही या लापरवाहीपूर्ण कृत्यों से मृत्यु का कारण बनना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
केरल में दो डायलिसिस के रोगियों की मौत के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि अलाप्पुझा जिले में दो डायलिसिस रोगियों की मौत के संबंध में कथित चिकित्सा लापरवाही के आरोप में एक सरकारी अस्पताल के अधीक्षक और वहां के कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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हरिपाद पुलिस ने मृतकों में से एक के परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। परिजनों ने शिकायत कर आरोप लगाया था कि 29 दिसंबर को तालुक अस्पताल में डायलिसिस के तुरंत बाद दोनों पुरुषों को बुखार और दस्त हो गए थे।
सरकारी अस्पताल पर परिवार ने लगाए ये गंभीर आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि हरिपाद तालुक अस्पताल की डायलिसिस इकाई में अस्वच्छ परिस्थितियों के कारण हुए गंभीर संक्रमण से उनकी मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाया कि दोनों व्यक्तियों को बेचैनी होने पर अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया गया था। वहीं दिसंबर के आखिर में अगले कुछ दिनों में उनकी मौत हो गई।
एफआईआर के मुताबिक मृतकों में से एक रामचंद्रन (60) के परिवार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि तालुक अस्पताल की डायलिसिस इकाई को लापरवाही से चलाया जा रहा था।
अस्पताल ने दिखाई लापरवाही
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी अस्पताल के अधीक्षक और डायलिसिस यूनिट के कर्मचारी इस बात को जानते थे कि वहां की लापरवाही भरी स्थिति मानव जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकती है, फिर भी उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया।
हरिपाद निवासी रामचंद्रन की 31 दिसंबर को मावेलिक्कारा के एक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। एफआईआर में आगे बताया गया है कि कायमकुलम निवासी दूसरे व्यक्ति मजीद की 30 दिसंबर को जिले के एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई।