केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) वाली सरकार के मुख्यमंत्री के चयन को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। केरल के अगले मुख्यमंत्री के चयन को लेकर दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर निर्णायक बैठक शुरू हो गई है। पार्टी हाईकमान की ओर से इसे प्रक्रिया का अंतिम चरण बताया जा रहा है। इसके बाद राज्य नेतृत्व के लिए पार्टी के चेहरे की घोषणा की जाएगी।
कांग्रेस नेतृत्व द्वारा नियुक्त वरिष्ठ नेताओं और पार्टी के पर्यवेक्षक खरगे के आवास पर पहुंचे हैं। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पार्टी में सियासी खींचतान और खेमेबाजी चरम पर है। गौरतलब है कि यूडीएफ ने विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत हासिल कर सत्ता में वापसी की है। इसके बाद से ही केरल में नए मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है।
कौन-कौन हैं प्रमुख दावेदार?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन के साथ ही केरल की प्रभारी और पार्टी महासचिव दीपा दासमुंशी मुख्यमंत्री पद के लिए सर्वसम्मति से एक उम्मीदवार चुनने की चर्चाओं में हिस्सा ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री पद के तीन प्रमुख दावेदार - वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला, विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन, और कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल भी खरगे के आवास पर पहुंच चुके हैं। यह महत्वपूर्ण चर्चाओं की शुरुआत का संकेत है, जो केरल में पार्टी के भविष्य की दिशा तय कर सकती है।
खेमेबाजी के बीच सर्वसम्मति बनाने की कोशिश
खरगे के निवास पर हो रही बैठक कांग्रेस के भीतर अलग-अलग खेमों की ओर से बन रहे दबाव के बीच हो रही है। खास तौर से वी.डी. सतीशन के समर्थकों ने उन्हें केरल का मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग को लेकर राज्य के कुछ हिस्सों में खुले तौर पर विरोध प्रदर्शन किया है।
वहीं, चेन्निथला का अनुभव और संगठनात्मक पकड़ आंतरिक विचार-विमर्श में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके इतर पिछले कुछ दिनों में के.सी. वेणुगोपाल के मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में उभरने ने पार्टी के भीतर समीकरणों को नाटकीय रूप से बदल दिया है।
जल्द हो सकता है फैसला
कांग्रेस सूत्रों ने संकेत दिया है कि पार्टी नेतृत्व किसी भी सार्वजनिक विभाजन से बचना चाहता है और सभी गुटों को स्वीकार्य एक फॉर्मूले पर काम करने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, विधायक दल और संगठनात्मक ढांचे के भीतर तीनों नेताओं के महत्वपूर्ण समर्थन को देखते हुए अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान द्वारा कड़ी निगरानी में किया जा रहा है।
फिलहाल अब सभी की निगाहें खरगे और कांग्रेस नेतृत्व पर टिकी हैं, क्योंकि केरल की नई सरकार का नेतृत्व कौन करेगा, इस पर जल्द ही इंतजार खत्म हो सकता है।
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