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Mollywood Me Too: अभिनेता एम. मुकेश के समर्थन में उतरी एलडीएफ, कहा- पहले कांग्रेस विधायक दें इस्तीफा

Thu, 29 Aug 2024 12:51 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

सीपीआई(एम) नेता ने ये भी कहा कि न तो सीपीआई(एम) और न ही वामपंथी सरकार, किसी के साथ गलत काम करने वालों को नहीं बचाएगी। चाहे वे कोई भी हों, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार हमेशा सही रुख अपनाती है।
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एम मुकेश - फोटो : इंस्टाग्राम/एम मुकेश
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विस्तार
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यौन शोषण के आरोपों की बाढ़ का सामना कर रहे मलयालम फिल्म उद्योग के मामले को लेकर अब राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। दरअसल दुष्कर्म के आरोपों का सामना कर रहे मलयालम फिल्म अभिनेता एम. मुकेश को सत्तारूढ़ एलडीएफ (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) का समर्थन मिला है। एम. मुकेश फिल्मों के साथ ही राजनीति में भी सक्रिय हैं और फिलहाल सीपीआई(एम) पार्टी के विधायक हैं। एम मुकेश पर दुष्कर्म के आरोप लगे हैं, जिसके बाद विपक्षी यूडीएफ ने एम.मुकेश से इस्तीफा देने की मांग की है। इस पर एलडीएफ ने दुष्कर्म के आरोपी दो कांग्रेस विधायकों का इस्तीफा मांग लिया है। 
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एम.मुकेश को मिला सत्ताधारी एलडीएफ का साथ
एलडीएफ संयोजक ई पी जयराजन से पत्रकारों ने सवाल किया कि क्या मुकेश इस्तीफा देंगे? इसके जवाब में जयराजन ने कहा कि 'कोई कुछ भी मांग सकता है, लेकिन पहले कांग्रेस के जिन दो विधायकों पर दुष्कर्म के आरोप लगे हैं, वे इस्तीफा दें।' जयराजन कांग्रेस विधायक एम विंसेंट और एल्डोज कुन्नापिल्ली का जिक्र कर रहे थे, जिन पर गंभीर आरोप लगे हैं। जयराजन ने कहा कि 'अगर वे इस्तीफा दे देते तो तीसरे विधायक (मुकेश) को भी इस्तीफा देना पड़ता। कानून सभी विधायकों पर समान रूप से लागू होता है। मुकेश का इस्तीफा मांगकर बाकी दो को बचाया जा रहा है।'

सीपीआई(एम) नेता ने ये भी कहा कि 'न तो सीपीआई(एम) और न ही वामपंथी सरकार, किसी के साथ गलत काम करने वालों को नहीं बचाएगी। चाहे वे कोई भी हों, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार हमेशा सही रुख अपनाती है।' राज्य के मंत्रियों एन बालगोपाल और ए के शशींद्रन ने संकेत दिया कि आगे की कार्रवाई विशेष पुलिस दल द्वारा की गई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
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मुकेश को इस्तीफा देने की आवश्यकता नहीं: सीपीआई (एम)
वहीं, केरल की सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) ने शनिवार को घोषणा की कि एम. मुकेश को केवल एक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज होने के आधार पर अपने पद से इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है। पार्टी की राज्य समिति की बैठक के बाद सीपीआई (एम) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह फैसला प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया। 

गोविंदन ने कहा कि पार्टी ने यह भी तय किया है कि मुकेश को फिल्म निर्माण नीति समिति से हटा दिया जाएगा, ताकि उनके खिलाफ चल रहे आरोपों की स्थिति में कोई विवाद न हो। उन्होंने यह भी सवाल किया कि अगर विधायक नैतिक आधार पर इस्तीफा देते हैं और बाद में निर्दोष साबित होते हैं, तो क्या उन्हें उसी आधार पर वापस लिया जाएगा। गोविंदन ने कहा, उन्हें विधायक के रूप में केवल चुनाव के जरिए ही वापस आना चाहिए, नैतिक आधार पर नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि देश में 16 सांसद और 135 विधायक हैं, जिन पर महिला के खिलाफ अपराध के आरोप हैं, लेकिन उन्होंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। 

जस्टिस हेमा समिति के खुलासे के बाद तीसरी हाई प्रोफाइल एफआईआर
जस्टिस हेमा समिति की रिपोर्ट के खुलासे के बाद मलयालम फिल्म उद्योग में भूचाल आ गया है और वहां कई अभिनेताओं, फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। जस्टिस हेमा समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद केरल में अभिनेता और निर्देशकों के खिलाफ दर्ज हो रहे मामलों में यह तीसरी एफआईआर है। बुधवार को तिरुवनंतपुरम पुलिस ने अभिनेता सिद्दीकी पर आठ साल पहले एक होटल में एक अभिनेत्री के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया था। उससे पहले निर्देशक रंजीत के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपों के बाद, रंजीत ने राज्य द्वारा संचालित केरल चलचित्र अकादमी के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं सिद्दिकी ने भी अपने खिलाफ लगे आरोपों के बाद मलयालम मूवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (AMMA) के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था।
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