केरल के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री साजी चेरियन ने मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर चुप्पी के लिए रविवार को ईसाई पुजारियों की कड़ी आलोचना की। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नई दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास पर क्रिसमस कार्यक्रम का आयोजन हुआ था, जिसमें ईसाई धर्मगुरु भी शामिल हुए थे। इसे लेकर मंत्री साजी ने पुजारियों पर नाराजगी जताई।
अलप्पुझा में रविवार को सीपीआई (एम) के कार्यालय का उद्घाटन करने के मौके पर मंत्री साजी ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में भाग लेने वाले कुछ बिशपों का मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा, 'जब भाजपा नेताओं ने उन्हें आमंत्रित किया तो उनके रोंगटे खड़े हो गए'। मंत्री चेरियन ने आरोप लगाया कि जब पुजारियों को केक और अंगूर की शराब परोसी गई तो वे अपने ही समुदाय के सदस्यों को निशाना बनाने वाली मणिपुर हिंसा के मुद्दे को भूल गए।
चेरियन के आरोपों पर नहीं आई प्रतिक्रिया
सीपीआई (एम) नेता ने सवाल किया कि क्या उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया? उनकी टिप्पणी पथानामथिट्टा जिले में एक पुजारी और लगभग 50 ईसाई परिवारों के भाजपा में शामिल होने के एक दिन बाद आई है। चेरियन के आरोपों पर न तो भाजपा और न ही बिशप ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
क्रिसमस पर अपने आवास पर ईसाई समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान, मोदी ने स्वतंत्रता आंदोलन और स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भूमिका के लिए अल्पसंख्यक समुदाय की प्रशंसा की थी और कहा था कि देश गर्व से उनके योगदान को स्वीकार करता है। मोदी ने कहा था कि ईसा मसीह द्वारा प्रचारित सभी के लिए करुणा, समावेशिता और न्याय के मूल्यों ने भी उनकी सरकार की विकास यात्रा में मार्गदर्शक प्रकाश के रूप में काम किया है।