केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने कालीकट विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम से रैपर वेदान और संगीतकार व गायिका गौरी लक्ष्मी के गाने हटाने की सिफारिश की निंदा की है। उन्होंने इसे आरएसएस की ओर से शिक्षा में भगवाकरण की कोशिश बताया और विश्वविद्यालय की प्रशासनिक समिति पर सवाल उठाए।
केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने कालीकट विश्वविद्यालय के डिग्री पाठ्यक्रम से मशहूर मलयालम रैपर वेदान और संगीतकार गौरी लक्ष्मी के गानों को हटाने की सिफारिश की आलोचना की है। यह सिफारिश एक विशेषज्ञ समिति ने की थी।
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मंत्री ने रविवार को एक बयान में आरोप लगाया कि यह फैसला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की उच्च शिक्षा को भगवाकरण करने की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह फैसला यूनिवर्सिटी की प्रशासनिक समिति के कुछ सदस्यों की शिकायत के बाद लिया गया है। ये सदस्य कुलपति की ओर से नियुक्त किए गए हैं।
शिवनकुट्टी ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने गानों को हटाने की सिफारिश की है, उन्हें रैप संगीत के अंतरराष्ट्रीय महत्व की समझ नहीं है। अपने बयान में मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि कुलपति को केरल की सांस्कृतिक चेतना और विविधता को अपनाने की परंपरा को समझना चाहिए और उसका सम्मान करना चाहिए।