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मिनी कूपर कार दुर्घटना: कोर्ट ने चारों आरोपियों की जमानत याचिकाएं कीं खारिज, केरलम के गृह मंत्री ने क्या कहा?

Sat, 17 Oct 2026 06:11 PM IST
अमन मौर्या पीटीआई, कोच्चि, केरलम

सार

केरल की अदालत ने नेदुम्बसेरी में तीन युवाओं की जान लेने वाले मिनी कूपर कार दुर्घटना मामले में चारों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मुख्य आरोपी सुहैल नशे की हालत में गाड़ी चला रहा था।
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मिनी कूपर कार दुर्घटना केस - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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केरल की एक अदालत ने शनिवार को उस 'मिनी कूपर' कार दुर्घटना मामले में चार आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। इसमें तीन की जान चली गई थी। अंगमाली की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट संयुक्ता एमके ने सुहैल, निनाव, अमीर और जोएल द्वारा दायर जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया। 11 अक्तूबर की तड़के नेदुम्बसेरी में एयरपोर्ट रोड पर, जब यह कार तीन युवाओं को ले जा रहे एक स्कूटर से टकराई, तब कथित तौर पर 19 वर्षीय सुहैल गाड़ी चला रहा था।
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पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने इस दुर्घटना के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मेडिकल जांच में सुहैल के खून में शराब की मात्रा काफी अधिक पाई गई, जिसके बाद मामले में कुछ और धाराएं भी जोड़ी गईं। शुक्रवार को जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए, अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं, जिनमें गवाहों के बयान और सीसीटीवी फुटेज भी शामिल हैं।
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अभियोजन पक्ष ने क्या कहा?
अभियोजन पक्ष ने बताया कि खून और यूरिन की जांच से पता चला है कि सुहैल नशे की हालत में था। अभियोजन पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि जांच अभी एक अहम चरण में है और आरोपी केवल दो दिनों से पुलिस हिरासत में हैं, जो जांच को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि आरोपी प्रभावशाली परिवारों से आते हैं और उनके बाहर आने से जांच प्रभावित हो सकती है।

आरोपी के वकील ने क्या तर्क दिया?
सुहैल के वकील ने तर्क दिया कि तीनों पीड़ित ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए एक ही स्कूटर पर सवार थे। बचाव पक्ष ने दलील दी कि दुर्घटना का कोई प्रत्यक्ष चश्मदीद गवाह नहीं है और 'गैर-इरादतन हत्या' (जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती) का आरोप टिक नहीं सकता। बचाव पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस इस घटना को सनसनीखेज बना रही है और कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि कार तेज रफ्तार में चलाई जा रही थी।
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गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला ने क्या कहा?
इस बीच, शनिवार को पुलिस ने मोटर वाहन विभाग और कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (सीआईएल) के साथ मिलकर दुर्घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह निरीक्षण कार की रफ्तार का आकलन करने और सड़क के तकनीकी पहलुओं की जांच करने के लिए किया गया था। गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला ने कहा कि सरकार और गृह विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। उन्होंने कहा, 'यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसी कोई स्थिति नहीं बनेगी जिसमें आरोपी कानून की पकड़ से बच सकें। तीन युवाओं की जान गई है और हम इस घटना को हल्के में नहीं ले सकते।'
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