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Kodakara Black Money Case: CPIM का कटाक्ष, भाजपा को पार्टी का चुनाव चिह्न कमल के बदले बोरा कर लेना चाहिए

Sat, 02 Nov 2024 12:08 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

केरल की सत्ताधारी पार्टी- माकपा ने कहा है कि भाजपा को अपनी पार्टी का चुनाव चिह्न बदलकर बोरा कर लेना चाहिए। माकपा की यह टिप्पणी कोडकारा काला धन मामले में सामने आई है। दरअसल, 2021 के इस मामले में पूर्व भाजपा पदाधिकारी के बयान के बाद से कटघरे में है।
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भाजपा का झंडा
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विस्तार
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लगभग तीन साल पुराने काले धन से जुड़े मामले में केरल की सतारूढ़ पार्टी- CPI(M) आक्रामक तेवर दिखा रही है। माकपा ने तंज कसते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक पदाधिकारी के खुलासे के बाद पार्टी के लिए जवाब देना मुश्किल साबित हो रहा है। माकपा ने कहा कि अब भाजपा को पार्टी का चुनाव चिह्न कमल के बदले बोरा कर लेना चाहिए। माकपा सरकार के मंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा है।

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'भाजपा को अपना पार्टी चिह्न कमल से बदलकर बोरा कर लेना चाहिए'
शनिवार को भाजपा पर कटाक्ष करते हुए माकपा नेता और केरल के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री पीए मोहम्मद रियास ने कहा, 'नए खुलासे से कई बातें स्पष्ट हो गई हैं और उनमें से एक यह है कि भाजपा को अपना पार्टी चिह्न कमल से बदलकर बोरा कर लेना चाहिए।' उन्होंने प्रदेश विधानसभा में विपक्षी दल- कांग्रेस पर भी हमला किया। रियास ने आरोप लगाया कि वह काले धन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर चुप है।

केरल में उपचुनाव से पहले माकपा और कांग्रेस के बीच वार-पलटवार
कांग्रेस और भाजपा के बीच सांठगांठ का संकेत देते हुए कहा कि कांग्रेस इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई न होने पर चुप है। इस पर प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष ममकूटथिल ने दावा किया कि समझौता कांग्रेस-भाजपा के बीच नहीं, माकपा और भाजपा के बीच हुआ था। बता दें कि ममकूटथिल पलक्कड़ विधानसभा उपचुनाव में यूडीएफ उम्मीदवार हैं। उन्होंने लगभग तीन साल पुराने मामले को उछालने की टाइमिंग पर सवाल किया और कहा माकपा उपचुनाव से ठीक पहले इस मामले को उजागर कर रही है ताकि यह दिखाया जा सके कि उसका भाजपा के साथ कोई समझौता नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि  इस मामले की अब दोबारा जांच क्यों की जा रही है? सरकार को बताना चाहिए कि प्रारंभिक जांच का क्या हुआ? दोबारा जांच होना यह दिखाता है कि पहले कराई जांच विफल रही है।
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पलक्कड़ सीट पर उपचुनाव, 13 नवंबर को मतदान; भाजपा क्या बोली?
भाजपा ने इस मामले पर बयान न देने का फैसला लिया है। पलक्कड़ सीट पर उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार सी कृष्णकुमार ने कहा कि कोडकारा काला धन मामला उनकी पार्टी के लिए चिंता का कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि यह शोर 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के बाद खत्म हो जाएगा। माकपा की यह रणनीति अनुमान के मुताबिक ही है।

'छह बोरियों में भरकर भाजपा के कार्यालय में पैसे पहुंचाए गए'
गौरतलब है कि भाजपा के त्रिशूर जिला कार्यालय में सचिव रहे तिरुर सतीश ने हाल ही में पार्टी पर सनसनीखेज आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि कोडकारा काला धन मामले से जुड़ा बेहिसाबी धन पार्टी के चुनावी कोष का हिस्सा है। सतीश के मुताबिक कथित तौर पर धर्मराजन नाम के शख्स ने छह बोरियों में भरकर भाजपा के कार्यालय में पैसे पहुंचाए। सतीश के मुताबिक चुनाव प्रचार सामग्री की आड़ में पैसे दफ्तर तक लाए गए और उसने पार्टी कार्यालय पर नजर भी रखी। इस घटनाक्रम पर भाजपा के त्रिशूर जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि सतीश को दो साल पहले ही पद से हटा दिया गया था। अब माकपा ने भाजपा के खिलाफ प्रचार करने और आगामी उपचुनावों को देखते हुए सतीश को काम पर रखा है।

क्या है 2021 का काला धन मामला?
बता दें कि काले धन का मामला 3 अप्रैल, 2021 को त्रिशूर के कोडकारा में हाईवे डकैती की घटना से संबंधित है, जो उस वर्ष केरल विधानसभा चुनाव से तीन दिन पहले हुआ था। पुलिस की जांच के मुताबिक चुनाव अभियान के लिए 3.5 करोड़ रुपये कथित तौर पर एक कार में एर्नाकुलम ले जाए जा रहे थे, लेकिन  एक गिरोह ने फर्जी दुर्घटना का नाटक कर लूट को अंजाम दिया।
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