फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kerala: केरल में पिछड़ी जाति के पुजारी ने छोड़ी नौकरी, जातीय भेदभाव होने का दावा

Wed, 02 Apr 2025 02:49 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

देवास्वम मंत्री वीएन वसावन ने बताया कि बालू की नियुक्ति नियमों के तहत हुई थी। उन्होंने कहा कि 'सरकार चाहती है कि बालू अपनी नौकरी पर वापस लौटे। हमने बालू को बताया कि सरकार उसकी हरसंभव मदद के लिए तैयार है, लेकिन इसके बावजूद उसने इस्तीफा दे दिया।'
विज्ञापन
केरल के देवास्वम बोर्ड के कर्मचारी का इस्तीफा - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केरल के प्रसिद्ध कुदलमनिक्यम मंदिर के एक पिछड़ी जाति के कझकम (पुजारी) ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। आरोप हैं कि इस पुजारी के साथ जातीय भेदभाव हुआ, जिसके चलते उसने नौकरी छोड़ी। बालू नामक पुजारी राज्य में मंदिरों का प्रबंधन करने वाले देवास्वम रिक्रूटमेंट बोर्ड का कर्मचारी था और बोर्ड ने ही उसे पुजारी की जिम्मेदारी के लिए मंदिर में नियुक्त किया गया था। बालू ने मंगलवार शाम को अपना इस्तीफा बोर्ड के अधिकारियों को सौंप दिया। 
विज्ञापन


पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखता है नौकरी छोड़ने वाला पुजारी
कझकम केरल में उन पुजारियों को कहा जाता है, जो भगवान की माला तैयार करने और अन्य पारंपरिक धार्मिक कामों को करते हैं। इस्तीफा देने वाला व्यक्ति बालू पिछड़ी जाति एझवा से ताल्लुक रखता है। इस घटना को लेकर एक बार केरल के मंदिरों में जातीय भेदभाव का मुद्दा गरमा गया है। इस मामले पर देवास्वम मंत्री वीएन वसावन ने बताया कि बालू की नियुक्ति नियमों के तहत हुई थी। उन्होंने कहा कि 'सरकार चाहती है कि बालू अपनी नौकरी पर वापस लौटे। हमने बालू को बताया कि सरकार उसकी हरसंभव मदद के लिए तैयार है, लेकिन इसके बावजूद उसने इस्तीफा दे दिया।'

ये भी पढ़ें- Kerala: आशा कार्यकर्ताओं का तेज हुआ विरोध प्रदर्शन, सिर मुंडवाकर की सरकार से मांगें पूरी करने की अपील
विज्ञापन
विज्ञापन


मंत्री ने बताया- निजी कारणों से दिया इस्तीफा
वीएन वसावन ने बताया कि बालू ने मांग की है कि उसे पुजारी की जिम्मेदारियों से मुक्त कर क्लर्क संबंधित काम दिया जाए तो वह अपने इस्तीफे पर विचार कर सकता है। देवास्वम बोर्ड ने साफ किया कि बालू ने निजी कारणों से इस्तीफा दिया है और इसमें बोर्ड की कोई भूमिका नहीं है। दावा किया जा रहा है कि बालू के साथ मंदिर के अन्य पुजारियों ने काम करने से मना कर दिया था। इसके बाद बालू को पुजारी की जिम्मेदारियों से हटा दिया गया था। बाद में उसे फिर से पूजा-पाठ से संबंधित जिम्मेदारियां दी गईं थी। बीते दिनों ने बालू ने स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी देने की मांग की और फिर इस्तीफा दे दिया। मंत्री वसावन ने कहा कि जब भी बालू नौकरी पर लौटना चाहेगा तो सरकार उसे अवसर जरूर देगी।

ये भी पढ़ें- L2-Empuraan Row: 'सच्चाई को तोड़-मरोड़कर पेश करने वाली फिल्में नहीं देखूंगा', केरल भाजपा अध्यक्ष की दो टूक
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें