केरल और कर्नाटक में शनिवार को भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही तथा भारी वर्षा, बाढ़ और भूस्खलन से 83 लोगों की मौत हो गयी जबकि महाराष्ट्र में चार लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया एवं गुजरात में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 19 लोगों की जान चली गई।
कर्नाटक सरकार ने शनिवार को 17 जिलों में 80 तालुका को बाढ़ प्रभावित घोषित किया। राज्य में वर्षा और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में मृतकों की संख्या 26 हो गई और हजारों लोग बेघर हो गए हैं ।
सरकार ने आदेश जारी कर फसल, मृतकों, मवेशी और बुनियादी संरचना को हुए नुकसान के कारण 80 तालुका को बाढ़ प्रभावित घोषित किया है। बाढ़ प्रभावित तालुका बेलगावी, बागलकोट, रायचुर, कलबुर्गी, यादगीर, विजयपुरा, गडग, हावेरी, धावाड, शिवमोगा, चिकमंगलुरू, कोडागु, दक्षिण कन्नड़, उडूपी, उत्तरी कन्नड़ और मैसुरु जिले में हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में बाढ़ और वर्षा जनित घटनाओं में 26 लोगों की मौत हो गयी।
राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार समूचे राज्य में बाढ़ प्रभावित इलाकों से 4,24,333 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ से राज्य में 69 ‘तालुकाओं’ में 761 गांव प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को सांगली में राहत व बचाव अभियानों की समीक्षा की और लोगों से बातचीत की। उन्होंने लोगों को हर तरह की मदद का आश्वासन भी दिया।
केरल 42
महाराष्ट्र 27
कर्नाटक 12
तमिलनाडु 05
केरल में मूसलाधार बारिश का कहर अब भी जारी है और बाढ़, भूस्खलन तथा बारिश संबंधी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है। वहीं, एक लाख से अधिक लोगों ने राहत शिविरों में पनाह ली है। अधिकारियों ने सुबह सात बजे मिली रिपोर्ट के हवाले से बताया कि आठ अगस्त से अभी तक बारिश संबंधी घटनाओं में कोझिकोड और मलप्पुरम में जिले में 20 और वायनाड में नौ लोगों की जान गई है। उन्होंने बताया कि राज्य के 988 राहत शिविरों में 1,07,699 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया। वायनाड से सबसे अधिक 24,990 लोगों ने इन शिविरों में पनाह ली है।
केरल के आठ जिले बाढ़ की चपेट में हैं। मल्लपुरम और वायनाड में हालत सबसे ज्यादा खराब हैं। यहां शुक्रवार को 25 जगहों पर भूस्खलन हुआ जिसमें दो जगह 40 लोगों के दबे होने की आशंका है। वायनाड में छह लोगों की मौत हुई।
इन इलाकों से 64 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शुक्रवार को केरल में बाढ़ के हालात पर चर्चा की और राज्य को संकट के इस दौर से निपटने में केंद्र सरकार से मदद मांगी है।
कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर पानी भरने से उड़ानों का संचालन रविवार दोपहर 3 बजे तक के लिए बंद कर दिया गया। इस बीच नौसेना ने राज्य सरकार की मांग पर अपना हवाई अड्डा गरुड़ नागरिक उड़ानों के लिए खोल दिया है। वहीं, यूएई से ईद के मौके पर केरल अपने घर आने वाले हजारों भारतीयों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
दक्षिण के चार राज्याें में बारिश और बाढ़ के हालात देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनडीआरएफ की 83 टीमें रवाना की हैं। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा, गृह मंत्री अमित शाह हालातों पर नजर रख रहे हैं और संबंधित विभागों को निर्देशित कर रहे हैं।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को छह राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें केरल, महाराष्ट्र, गोवा, मध्यप्रदेश, कर्नाटक और राजस्थान शामिल हैं।
महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन के दो वीडियो सामने आए जिनमें वह कोल्हापुर में बाढ़ ग्रस्त इलाके में दौरा करते वक्त मुस्कुरा रहे हैं और हाथ हिलाते हुए दिख रहे हैं। इस पर निशाना साधते हुए विपक्षी दल एनसीपी के धनंजय मुंडे ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडण्वीस से सवाल किया कि क्या मंत्री पर्यटन दौरे पर थे। धनंजय ने महाजन के इस्तीफे की मांग की।
कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र को बाढ़ के हालात से अवगत करा दिया गया है। येदियुरप्पा ने सभी मृतकों के परिजनों को पांच पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है। वहीं पूर्व सीएम और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी के सभी विधायक अपना एक माह के वेतन बाढ़ पीड़ितों के लिए दान करेंगे। जेडीएस प्रमुख एचडी देवेगौड़ा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने प्रधानमंत्री से कर्नाटक बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और पांच हजार करोड़ की विशेष अनुदान देने की मांग की।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार की अपील पर उनके गृह जिले बारामती में बाढ़ राहत फंड के लिए शुक्रवार को कुछ घंटों में ही एक करोड़ रुपये जमा हो गए। पवार ने शुक्रवार सुबह कोल्हापुर, सांगली और सतारा जिलों में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए लोगों से मदद का आह्वान किया था।
बाढ़ ग्रस्त सांगली का दौरा करने गए जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन को बाढ़ पीड़ितों के गुस्से शिकार होना पड़ा। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनकी मदद के लिए उपयुक्त कदम उठाने में देरी की। राहत टीमें उन तक नहीं पहुंच पा रहीं हैं, जरूरत की चीजें भी मुहैया नहीं कराई गईं।
टिहरी और चमोली जिले में बादल फटने से दो महिलाओं और दो बच्चों की मौत हो गई। टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक की नैलचामी पट्टी के थार्ती गांव में बृहस्पतिवार देर रात करीब डेढ़ बजे बादल फटने से एक मकान मलबे में समा गया। दूसरी घटना चमोली जिले के देवाल क्षेत्र के फल्दिया गांव में घटी। यहां बरसाती मलबे में दबने से मां-बेटी की मौत हो गई। गांव में कुल 11 मकान मलबे के सैलाब में समा गए। यमनोत्री-गंगोत्री हाईवे समेत राज्य की कई संपर्क मार्ग बंद हो गए।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में मणिकर्ण घाटी के कटागला में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। लोग घर छोड़कर भाग गए। भारी बारिश के कारण चंडीगढ़-मनाली और हिंदुस्तान-तिब्बत एनएच ठप हो गया। कुल्लू में सभी उड़ानें रद्द रहीं। वहीं शिमला समेत प्रदेश में भूस्खलन से करीब 150 सड़कें बंद हो गईं।