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Kerala: 'मैंने विदाई समारोह आयोजित नहीं किया', ADM को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों पर क्या बोले डीएम

Sat, 19 Oct 2024 01:10 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नूर

सार

सीपीआईएम नेता ने कहा कि एडीएम की मौत को टाला जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि जो कुछ भी हुआ उसके लिए कलेक्टर जिम्मेदार हैं। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने भी बाबू की मौत के सिलसिले में कलेक्टर के खिलाफ जांच की मांग की है। 
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पीपी दिव्या और दिवंगत एडीएम नवीन बाबू - फोटो : एक्स
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विस्तार
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कन्नूर के जिला कलेक्टर अरुण के विजयन ने शनिवार को कहा कि उन्होंने दिवंगत अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट नवीन बाबू के विदाई समारोह का आयोजन नहीं किया था। इसलिए, वे किसी को भी इस समारोह में आमंत्रित करने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। दरअसल कन्नूर जिलाधिकारी को भी एडीएम नवीन बाबू की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि नवीन बाबू के विदाई समारोह में कन्नूर जिलाधिकारी ने ही सीपाईएम नेता पीपी दिव्या को आमंत्रित किया था। जिन्होंने विदाई समारोह में एडीएम पर भ्रष्टाचार के कथित आरोप लगाए, जिसके चलते नवीन बाबू द्वारा आत्महत्या करने की बात कही जा रही है। 
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सीपीआईएम नेता ने कलेक्टर द्वारा आमंत्रण देने का दावा किया
गौरतलब है कि सीपीआईएम नेता पीपी दिव्या ने कथित तौर पर अपनी अग्रिम जमानत याचिका में दावा किया है कि कलेक्टर ने ही उन्हें विदाई समारोह में आने के लिए आमंत्रित किया था। पीपी दिव्या पर एडीएम नवीन बाबू को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सीपीआईएम ने भी उन्हें कन्नूर जिला पंचायत अध्यक्ष पद से हटा दिया है। जब पीपी दिव्या के दावे को लेकर कन्नूर कलेक्टर अरुण के विजयन से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि 'विदाई समारोह का आयोजन कलेक्टर नहीं करते हैं। इसे स्टाफ काउंसिल आयोजित करती है और इसलिए उनसे पूछा जाना चाहिए कि दिव्या को आमंत्रित किया गया था या नहीं।'

कलेक्टर ने अपने बचाव में कही ये बात
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का आयोजन उनके द्वारा नहीं किया गया था, इसलिए उन्होंने किसी को आमंत्रित भी नहीं किया। कलेक्टर ने नवीन बाबू की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि कलेक्टरेट में मौजूद हर व्यक्ति परिवार के दुख में शामिल है। उन्होंने इस मुद्दे पर आगे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और पुलिस इसकी जांच कर रही है। भूमि राजस्व संयुक्त आयुक्त ए गीता के सामने कलेक्टर ने अपने बयान कथित तौर पर दर्ज करा दिए हैं। ए गीता ही एडीएम की मौत की जांच कर रही हैं। इस बीच, सीपीआई (एम) के पथनमथिट्टा जिले के नेता मलयालप्पुझा मोहनन ने दावा किया कि कलेक्टर ने बाबू को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मजबूर किया, जबकि खुद नवीन बाबू ने ऐसे कार्यक्रम के आयोजन से मना किया था क्योंकि उनका सिर्फ तबादला हुआ था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कलेक्टर विजयन कुछ समय से बाबू के छुट्टी आवेदनों और स्थानांतरण अनुरोधों को बाधित कर रहे थे। 
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कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने कलेक्टर के खिलाफ जांच की मांग की
सीपीआईएम नेता ने कहा कि एडीएम की मौत को टाला जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि जो कुछ भी हुआ उसके लिए कलेक्टर जिम्मेदार हैं। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने भी बाबू की मौत के सिलसिले में कलेक्टर के खिलाफ जांच की मांग की है। दिव्या ने चेंगलाई इलाके में पेट्रोल पंप की मंजूरी में कई महीनों तक देरी करने के लिए बाबू की आलोचना की थी और उन पर परोक्ष रूप से कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। माना जा रहा है कि भ्रष्टाचार के आरोपों से व्यथित होकर ही एडीएम ने अपने सरकारी क्वार्टर में फांसी के फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। 
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