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Kerala: केरल में नया सर्जिकल सेफ्टी प्रोटोकॉल लागू, ऑपरेशन के दौरान गलती रोकने के लिए सख्त नियम; जानिए सबकुछ

Mon, 20 Apr 2026 02:37 PM IST
Shubham Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

केरला के सरकारी अस्पतालों में सर्जरी के दौरान होने वाली गलतियों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नया सख्त प्रोटोकॉल जारी किया है। अब ऑपरेशन से पहले मरीज की पहचान, रिस्टबैंड, साइट मार्किंग और चेकलिस्ट अनिवार्य होगी। ओटी में अनावश्यक बातचीत पर रोक, उपकरणों की गिनती और अलग-अलग सहमति प्रक्रिया लागू कर मरीज सुरक्षा को मजबूत किया गया है।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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केरल में मरीजों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नया सर्जिकल सेफ्टी प्रोटोकॉल जारी किया है। केरल के सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन के दौरान होने वाली गलतियों और लापरवाही की शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है, जिसने हाल ही में राजनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया था। 15 अप्रैल के आदेश के अनुसार अब ऑपरेशन से पहले मरीज की पूरी पहचान और सभी जरूरी जांच अनिवार्य कर दी गई है। मरीजों को खास पहचान के लिए रिस्टबैंड पहनाया जाएगा, जिसमें उनकी सर्जरी से जुड़ी जानकारी होगी।

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साथ ही ऑपरेशन वाली जगह को पहले से स्पष्ट रूप से चिन्हित करना जरूरी होगा, ताकि गलत जगह सर्जरी की कोई संभावना न रहे। ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में अब अनावश्यक फोन कॉल और बातचीत पर रोक लगा दी गई है, ताकि डॉक्टरों का पूरा ध्यान सर्जरी पर रहे। सर्जरी से पहले डॉक्टर और नर्स को मरीज की सभी जानकारी, जैसे आईपी नंबर और केस रिकॉर्ड, पूरी करनी होगी। इसके बाद एक प्री-ऑपरेटिव चेकलिस्ट भरी जाएगी, जिसे वार्ड डॉक्टर, इंचार्ज नर्स और ओटी स्टाफ मिलकर जांचेंगे।

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ऑपरेशन से पहले होगी इन चिजों की जांच

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इसके अलावा ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल होने वाले सभी उपकरण और सामग्री की गिनती और रिकॉर्ड रखना अनिवार्य कर दिया गया है। सर्जरी से पहले और बाद में इनकी दोबारा जांच होगी, और पूरी रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी जाएगी। मरीज और उनके परिवार को भी अब प्रक्रिया, जोखिम और फायदे के बारे में साफ जानकारी देना जरूरी होगा। एनेस्थीसिया, सर्जरी और ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए अलग-अलग सहमति  लेना अनिवार्य किया गया है।

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स्वास्थ्य विभागों ने अस्पतालों को दिया ये निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को यह भी निर्देश दिया है कि वे “बिना डर के गलती बताने की संस्कृति” को बढ़ावा दें, ताकि गलतियों से सीखकर सिस्टम को बेहतर बनाया जा सके। साथ ही नियमित ट्रेनिंग और मॉक ड्रिल कराने को कहा गया है। किसी भी बड़ी गड़बड़ी या घटना के बाद 24 घंटे के भीतर रूट कॉज एनालिसिस (RCA) करना भी जरूरी होगा। यह पूरा प्रोटोकॉल विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुसार तैयार किया गया है। सरकार का कहना है कि इन नए नियमों से केरल की स्वास्थ्य व्यवस्था और मजबूत होगी और ऑपरेशन थिएटर में पारदर्शिता और मरीज सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सकेगा।

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