केरल के सबरीमाला मंदिर का प्रबंधन करने वाले त्रावणकोर देवासम बोर्ड (टीडीबी) का कहना है कि वह वार्षिक 'मकर विलक्कु' उत्सव के लिए पूरी तरह तैयार हैं। टीडीबी अध्यक्ष एक पदमाकुमार ने बोर्ड की बैठक के बाद मीडिया से कहा है कि सबरीमाला में इस त्योहार को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
14 जनवरी की शाम 6 बजे थिरुवाभ्रनाम (देवताओं को पहनाए जाने वाले पवित्र गहने) पथेनित्तमपडी (18 पवित्र सीढ़ी) पर पहुंच जाएंगे। 6.30 बजे दीपारधना (दीपक से पूजा होना) भगवान की पूजा के लिए पहुंचेगा। मकर विलक्कु और मकराज्योती के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बता दें मकराज्योती एक तरह का तारा है जिसकी श्रद्धालुओं द्वारा हर साल मकर संक्रांति (14 जनवरी) को पूजा की जाती है।
यह माना जाता है कि भगवान अयप्पा अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए मकराज्योति के रूप में आते हैं। ज्योती पोन्नम बलामेद पहाड़ी पर प्रज्वलित होती है, जो मंदिर से 8 किमी की दूरी पर है।
केरल सरकार टीडीबी और वन विभाग के सहयोग से पोन्नम बलामेदु में दीप प्रज्ज्वलित करती है। पदमाकुमार का कहना है कि स्वास्थ विभाग और पुलिस सबरीमाला और आसपास के इलाके में तैनात हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। भक्तों के लिए मंदिर में दर्शन करने का आखिरी दिन 19 जनवरी है। 20 जनवरी को मंदिर बंद हो जाएगा। केवल पंडालम शाही परिवार के लोग ही 20 जनवरी को मंदिर में दर्शन करने आ सकते हैं। बीते साल के मुकाबले इस साल मंदिर में अधिक भीड़ होने की संभावना है।
महिलाओं के मंदिर में प्रवेश को लेकर हुए भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार पूरी तरह सतर्क है। केरल हाईकोर्ट द्वारा बनाई गई तीन सदस्यीय निगरानी समिति ने भी तैयारियों को लेकर संतोष व्यक्त किया है।