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केरल : देश के पहले महिला मॉल में कारोबार के गुर सिखाएंगे आईआईएम के छात्र

Thu, 07 Nov 2019 03:01 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोझिकोड

सार

  • देश के पहले महिला मॉल के प्रबंधन का जिम्मा आईआईएम कोझिकोड को
  • आईआईएम ने तैयार किया है मॉल में वस्तुओं की बिक्री के लिए नया मॉडल
  • पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित यह मॉल सिर्फ महिलाओं के लिए है
  • मॉल में 250 महिलाएं नौकरी करती हैं, 500 को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला
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विस्तार
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केरल में शुरू हुए देश में अपनी तरह के पहले ‘महिला मॉल’ के कारोबार प्रबंधन का जिम्मा अब भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), कोझिकोड संभालेगा। इससे इस मॉल को ज्यादा पेशेवर तरीके से चलाया जा सकेगा। आईआईएम ने मॉल में वस्तुओं की बिक्री का नया मॉडल तैयार किया है, जिसे जल्द लागू किया जा सकता है।
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पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित यह मॉल सिर्फ महिलाओं के लिए है। अभी इसका संचालन कोझिकोड में महिलाओं का स्वयं सहायता समूह ‘कुदुंबश्री’ कर रहा है। आईआईएम कोझिकोड ने कुदुंबश्री समूह से बीते सोमवार संपर्क किया और मॉल के प्रबंधन का जिम्मा संभालने का प्रस्ताव दिया। 

इस प्रोजेक्ट की अगुवाई आईआईएम कोझिकोड के निदेशक देबाशीष चटर्जी और संस्थान में अंतरराष्ट्रीय संबंध और प्रबंधन में मानवीय और उदारवादी कला के क्षेत्र की फैकल्टी दीपा सेठी कर रही हैं। इस काम को अंजाम देने के छह छात्रों की टीम बनी है। 
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टीम मॉल की आय बढ़ाने का सुझाव देगी और मॉल के नए कारोबारी ढांचे की योजना बनाएगी। कुदुंबश्री की सचिव विजया के ने कहा, इससे हमारे समूह को न सिर्फ वित्तीय सुरक्षा मिलेगी, बल्कि महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा।

750 महिलाओं को मिला है रोजगार

36 हजार वर्ग फुट में बने पांच मंजिला मॉल में कई नामी कंपनियों के आउटलेट, सुपरमार्केट, रेस्तरां, बुटीक, जूते-चप्पल के शोरूम, ब्यूटी पार्लर, बैंक, गैजेट, हथकरघा, बच्चों से जुड़ी वस्तुएं, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू जरूरतों की चीजें उपलब्ध हैं। कॉन्फ्रेंस रूम, प्रशिक्षण केंद्र और भूमिगत पार्किंग भी है। कुदुंबश्री के एक कर्मचारी ने बताया, मॉल में 250 महिलाएं नौकरी करती हैं, जबकि 500 को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है।

यह है अहम वजह

त्योहारी सीजन और प्रदर्शनियों के दौरान अच्छी-खासी बिक्री के बावजूद ऑफ सीजन में ग्राहकों की घटती ग्राहक देखते हुए आईआईएम को इसे चलाने का जिम्मा दिया गया है। मॉल का किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों के वेतन में अच्छी-खासी रकम खर्च होती है। इसके चलते मॉल के समक्ष कई बार वित्तीय संकट पैदा हो जाता है।

तीन करोड़ की लागत से शुरू हुआ था मॉल

महिला मॉल को बनाने में करीब तीन करोड़ रुपये खर्च हुए। इसे बनाने के लिए जमीन पांच साल के लिए किराए पर ली गई है। बेसमेंट में माइक्रो बाजार है, जिसमें कुदुंबश्री उत्पादों की बिक्री होती है। सात और स्टॉल हैं, जिसमें फैमिली काउंसलिंग और बैंक सुविधा है। चौथी मंजिल पर फिटनेस और ब्यूटी सेंटर, पांचवीं मंजिल पर प्ले जोन है। छत पर फूड कोर्ट है। बीते साल 14 नवंबर से इसकी शुरुआत हुई थी।
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