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Kerala: अमृता अस्पताल के तीन अधिकारियों को अग्रिम जमानत, तेलंगाना विधायकों की खरीद फरोख्त मामले में राहत

Fri, 02 Dec 2022 12:46 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि

सार

हाईकोर्ट ने अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के एम सरथ मोहन, विमल विजयन और समन्वयक प्रशांत केपी को यह राहत दी। याचिकाकर्ताओं ने अस्पताल के  डॉ. जग्गू कोटिलिल की चल रही खोजबीन को लेकर गिरफ्तारी की आशंका जताई है।

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केरल हाईकोर्ट - फोटो : Social Media
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विस्तार
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केरल हाईकोर्ट ने अमृता संस्थान के तीन अधिकारियों को पांच दिसंबर तक अग्रिम जमानत दे दी। इन अधिकारियों को तेलंगाना में सत्तारूढ़ टीआरएस के विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में अपनी गिरफ्तारी की आशंका है। 

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हाईकोर्ट ने अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के एम सरथ मोहन, विमल विजयन और समन्वयक प्रशांत केपी को यह राहत दी। याचिकाकर्ताओं ने अस्पताल के डॉ. जग्गू कोटिलिल की चल रही खोजबीन को लेकर गिरफ्तारी की आशंका जताई है। इसे लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान तेलंगाना पुलिस ने बताया कि विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले की एसआईटी द्वारा जांच की जा रही है। इस मामले में तीनों याचिकाकर्ताओं को आरोपी नहीं बनाया गया है।


तेलंगाना हाईकोर्ट ने दी तीन आरोपियों को जमानत
इससे पहले गुरुवार को तेलंगाना हाईकोर्ट ने गुरुवार को टीआरएस के चार विधायकों को कथित तौर पर खरीदने के मामले में  गिरफ्तार तीन आरोपियों को जमानत दे दी थी। हाईकोर्ट ने आरोपी रामचंद्र भारती उर्फ सतीश शर्मा, नंद कुमार और सिम्हायाजी स्वामी को तीन-तीन लाख रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानत के आधार पर रिहा करने का आदेश दिया। इन तीनों को हर सोमवार मामले की जांच कर रही एसआईटी के समक्ष पेश होने का भी निर्देश दिया है। 

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टीआरएस के चार विधायकों ने लगाया था आरोप
टीआरएस) के विधायक रोहित रेड्डी समेत चार विधायकों ने 26 अक्तूबर को इन तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसके बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। विधायकों की शिकायत के आधार पर इन तीनों के खिलाफ आपराधिक षड़यंत्र, रिश्वत की पेशकश तथा भ्रष्टाचार निवारण कानून  1988 के तहत केस दर्ज किया गया था।

100 करोड़ की पेशकश की गई : रेड्डी
विधायक रोहित रेड्डी ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उन्हें टीआरएस छोड़ने और अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार बनने के बदले 100 करोड़ रुपये की पेशकश की गई। आरोपियों ने रेड्डी से टीआरएस के कुछ अन्य विधायकों को 50-50 करोड़ रुपये देकर भाजपा में शामिल कराने को कहा था। 

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