केरल हाईकोर्ट ने कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके परिजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर रोक लगा दी है। मामले में विस्तार से सुनवाई की जरूरत बताते हुए हाईकोर्ट ने अब चार हफ्ते बाद सुनवाई तय की है। इस मामले में आगे क्या होगा? पढ़िए रिपोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और उनके परिजनों के खिलाफ कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।
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न्यायमूर्ति के नटराजन और न्यायमूर्ति जॉनसन जॉन की पीठ ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) की ओर से दर्ज एफआईआर पर भी रोक लगा दी। पीठ ने मामले में एजेंसी की आगे की जांच पर भी रोक लगा दी है। यह रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी। यह मामला एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ विजयन और अन्य लोगों की ओर से दायर अपीलों से जुड़ा है।
पीठ ने एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ दायर इन अपीलों को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। पीठ ने कहा कि इस मामले में विस्तार से विचार करने की जरूरत है। मामले को चार सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।