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Kerala High Court: तिरुवनंतपुरम नगर निगम में पार्टी कार्यकर्ताओं की भर्ती! CBI जांच की मांग खारिज

Fri, 16 Dec 2022 09:49 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कोच्चि

सार

मेयर का विवादास्पद पत्र लीक होने के बाद भाजपा और कांग्रेस ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम कार्यालय के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन में दोनों दलों की युवा और महिला इकाइयों के कार्यकर्ता शामिल थे। उन्होंने मेयर राजेंद्रन के इस्तीफे की मांग की।

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केरल हाईकोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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केरल के तिरुवनंतपुरम नगर निगम में पार्टी कार्यकर्ताओं को नौकरियां देने का मामला तूल पकड़ रहा है। कांग्रेस व भाजपा ने इसे लेकर मेयर आर्य राजेंद्रन के कथित पत्र को लेकर आंदोलन छेड़ दिया है। हालांकि, मेयर के विवादित पत्र की सीबीआई जांच की मांग आज केरल हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। 

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केरल हाईकोर्ट के जज के. बाबू ने मामले की सीबीआई जांच की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता की शिकायत में कोई दम नहीं है। याचिकाकर्ता जी एस श्रीकुमार की ओर से पेश अधिवक्ता के. आर. राजकुमार ने आदेश की पुष्टि की। श्रीकुमार तिरुवनंतपुरम निगम के पूर्व पार्षद हैं। उन्होंने अदालत से सतर्कता निदेशालय को पत्र के संबंध में की गई शिकायत को दर्ज करने का निर्देश देने का भी आग्रह किया था।
मेयर का विवादास्पद पत्र लीक होने के बाद भाजपा और कांग्रेस ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम कार्यालय के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन में दोनों दलों की युवा और महिला इकाइयों के कार्यकर्ता शामिल थे। उन्होंने मेयर राजेंद्रन के इस्तीफे की मांग की।
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श्रीकुमार ने अपनी याचिका में कहा था कि मेयर राजेंद्रन और एलडीएफ संसदीय दल के सचिव डी. आर. अनिल ने सीपीआई (एम) के जिला सचिव से निगम के स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों पर नियुक्ति के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की सूची उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। तिरुवनंतपुरम नगर निगम के मेयर और पार्षदों के भाई-भतीजावाद का उपरोक्त कृत्य तिरुवनंतपुरम निगम में पार्षदों के रूप में शपथ ग्रहण के समय ली गई शपथ के खिलाफ है।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि यह मुद्दा अपने आप में भ्रष्टाचार का एक बड़ा उदाहरण है। इसे सरकार ने संस्थागत रूप दे दिया है। याचिकाकर्ता ने मेयर के कृत्यों का विरोध किया और हजारों लोगों के रोजगार के अवसरों को छीनने वालो बताया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि राजेंद्रन और अनिल निगम में अपनी ही पार्टी यानी सिर्फ सीपीआई (एम) से संबद्ध व्यक्तियों को नौकरी देकर एक कैडर बना रहे हैं। 

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केरल हाईकोर्ट ने दिया निर्देश
केरल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को राज्य पुलिस प्रमुख द्वारा जारी एक सर्कुलर को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। इसमें सभी जिला पुलिस प्रमुखों और स्टेशन हाउस अधिकारियों को उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने का निर्देश दिया गया है। सर्कुलर में केरल हाईकोर्ट के जिस आदेश का जिक्र किया गया  है उसमें अदालत ने डॉक्टरों या कर्मचारियों पर हमला होने पर पुलिस को एक घंटे के भीतर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था।
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