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Kerala High Court: पुजारियों की नियुक्ति की अधिसूचना को हाईकोर्ट में चुनौती, याचिकाओं पर अगली सुनवाई 17 को

Sat, 03 Dec 2022 10:11 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

हाईकोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई के लिए बैठक आयोजित की, जिसमें टीडीबी की अधिसूचना को चुनौती दी गई थी। अधिसूचना में कहा गया था कि सबरीमाला और मलिकप्पुरम मंदिरमों में 'मेलशांति' (मुख्य पुजारी) केरल में जन्मे ब्राह्मण होने चाहिए।
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केरल हाईकोर्ट - फोटो : Social Media
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विस्तार
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केरल हाईकोर्ट ने शनिवार को पठानमथिट्टा जिले के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में मुख्य पुजारियों की नियुक्ति और तीर्थयात्रियों के लिए परिवहन की सुविधाओं को लेकर दाखिल याचिकाओं पर खास सुनवाई की।  

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जस्टिस अनिल के. नरेंद्रन और पीजी अजित कुमार की बेंच ने उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) की अधिसूचना को चुनौती दी गई थी। अधिसूचना में कहा गया था कि सबरीमाला और मलिकप्पुरम मंदिरों में 'मेल शांति' (मुख्य पुजारी) केरल में जन्मे ब्राह्मण ही होने चाहिए। 

हाईकोर्ट ने पंबा और सन्निधानम में तीर्थयात्रियों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं और राज्य की केएसआरटीसी द्वारा संचालित परिवहन सुविधाओं से जुड़ी याचिका पर भी सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि विशेष पदों के लिए मलयाली ब्राह्मणों से आवेदन मांगने वाली अधिसूचना भारतीय संविधान के अनुच्छेद-14 के तहत समानता के अधिकार के खिलाफ है। वकील ने यह भी तर्क दिया कि यह भेदभाव, छुआछूत के बराबर है। 
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इस बीच, पहाड़ी पर स्थित सबरीमाला मंदिर का प्रबंधन करने वाले टीडीबी ने कोर्ट ने को बताया कि केरल में जन्मे ब्राह्मणों द्वारा अनुष्ठान करने की प्रथा लंबे समय से चली आ रही है। दिनभर की कार्यवाही के बाद कोर्ट ने मामले की आगे की सुनवाई 17 दिसंबर के लिए स्थगित कर दी। 

केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की ओर से बेहतर सुविधाओं की मांग वाली याचिका पर कोर्ट ने सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि तीर्थयात्रियों के लिए पर्याप्त बसें हों। कोर्ट ने कहा, जिला कलेक्टर और जिला पुलिस प्रमुख सबरीमाला के विशेष आयुक्त के परामर्श से पंबा में तीर्थयात्रियों के लिए उचित व्यवस्था करेंगे और इस तरह की व्यवस्था को सोमवार तक इस कोर्ट के संज्ञान में लाया जाना चाहिए। 

कोर्ट ने टीडीबी की उस दलील पर गौर किया जिसमें कहा गया कि निलक्कल में 9 और पंबा में 12 अस्थायी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी संबंधित पुलिस नियंत्रण कक्षों में की जा रही है। हाईकोर्ट ने केएसआरटीसी को तीर्थयात्रियों के लिए पर्याप्त बसें उपलब्ध कराने औ यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि वृद्ध और विकलांग लोगों को बस में यात्रा करते समय प्राथमिकता मिले। 

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