जस्टिस एके जयशंकरन नांबियार और जस्टिस मोहम्मद नियास सीपी की पीठ ने निर्देश दिया कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वित्त अधिकारी शनिवार को उसके सामने व्यक्तिगत तौर पर हाजिर हों और खातों के बारे में स्पष्ट तस्वीर पेश करें। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कई सवाल उठाए।
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सवाल उठाया कि वायनाड के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के पुनर्निर्माण और पीड़ितों के पुनर्वास के लिए कितनी राशि की जरूरत है। साथ ही, यह जानना चाहा कि राहत कोष से कितनी राशि खर्च की गई। कोर्ट ने आपदा राहत एवं पुनर्वास निधि खातों में स्पष्टता के अभाव को लेकर केंद्र और केरल सरकार को फटकार भी लगाई।
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जस्टिस एके जयशंकरन नांबियार और जस्टिस मोहम्मद नियास सीपी की पीठ ने निर्देश दिया कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वित्त अधिकारी शनिवार को उसके सामने व्यक्तिगत तौर पर हाजिर हों और खातों के बारे में स्पष्ट तस्वीर पेश करें। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कई सवाल उठाए। कोर्ट ने सवाल किया कि केंद्र की तरफ से आवंटित राशि का कितना हिस्सा उपयोग किया गया। कोर्ट ने कहा कि एक बार इन सवालों के समाधान के बाद ही वह आगे के निर्देश जारी करेगा।
केंद्र का दावा-153 करोड़ की सहायता को दी थी मंजूरी
दो सप्ताह पहले केंद्र ने अदालत को बताया था कि एक उच्च स्तरीय समिति ने वायनाड भूस्खलन आपदा से संबंधित राहत प्रयासों के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) से लगभग 153 करोड़ रुपये की सहायता को मंजूरी दी थी।