पलक्कड़ में सतर्कता टीम ने एक जीएसटी अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। उसने कबाड़ से भरी दो लॉरियों को छोड़ने के बदले यह रकम मांगी थी। अधिकारी ने पहले 23 लाख का जुर्माना लगाने की बात की थी, लेकिन बाद में रिश्वत लेकर मामला रफा-दफा करने को कहा।
केरल की सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी विभाग (VACB) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने एक अधिकारी को 3.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। आरोपी अधिकारी ने स्क्रैप (कबाड़) से भरी दो जब्त लॉरियों को छोड़ने के बदले यह रकम मांगी थी।
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आरोपी की पहचान
आरोपी का नाम सुमन पीएन है। वह वालयार जीएसटी प्रवर्तन दस्ता में अधिकारी है और पलक्कड़ जिले के कुरुडिक्कड़ का रहने वाला है। सतर्कता ब्यूरो अधिकारियों के मुताबिक, हाल के दिनों में पकड़ी गई यह सबसे बड़ी रिश्वत की रकम में से एक है।
क्या था पूरा मामला?
सतर्कता विभाग के अनुसार, शिकायतकर्ता और उसका दोस्त कबाड़ का कारोबार करते हैं। उनके पास सामान के पक्के बिल थे। वे दो लॉरियों में कबाड़ लेकर पोलाची जा रहे थे। तभी छह जनवरी को जीएसटी टीम ने पलक्कड़ के कुझलमन्नम में उनकी गाड़ियां रोक लीं। बाद में गाड़ियों को वालयार जीएसटी ऑफिस ले जाकर जब्त कर लिया गया।
23 लाख का जुर्माना, फिर मांगी रिश्वत
ड्राइवरों को छोड़ दिया गया और मालिक से संपर्क करने को कहा गया। जब शिकायतकर्ता ने सुमन से संपर्क किया, तो उसने सारे कागज मांगे। कागज सही होने के बाद भी अधिकारी ने कथित तौर पर 23 लाख रुपये का जुर्माना मांग लिया। जब शिकायतकर्ता ने जुर्माना कम करने की विनती की, तो सुमन ने कहा कि चार लाख रुपये की रिश्वत देने पर मामला सुलझ जाएगा। बाद में सौदा 3.5 लाख में तय हुआ।
ऐसे बिछाया जाल
शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था। उसने पलक्कड़ सतर्कता विभाग के डीएसपी को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सतर्कता विभाग ने जाल बिछाया। रविवार को कुरुडिक्कड़ जंक्शन के पास जब सुमन 3.5 लाख रुपये ले रहा था, तभी सतर्कता विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया। गिरफ्तार अधिकारी को सोमवार को कोझिकोड सतर्कता कोर्ट में पेश किया जाएगा।