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Kerala: राज्यपाल ने यूनिवर्सिटीज में नियुक्तियों पर उठाए गंभीर सवाल, विश्वविद्यालय विधेयक पर जताई नाराजगी

Tue, 20 Jun 2023 01:47 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवअनंतपुरम

सार

राज्य के विश्वविद्यालयों को निर्देश हैं कि वह नए कुलपति की नियुक्ति में कुलाधिपति यानी कि राज्यपाल के साथ सहयोग ना करें। राज्यपाल ने कहा कि मैंने दो सदस्यों के साथ इस दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश की थी लेकिन उस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी गई। 
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केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान - फोटो : PTI
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विस्तार
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केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। राज्यपाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 'केरल में हम देख रहे हैं कि अगर आप किसी पार्टी के सदस्य हैं तो आप बिनी आवश्यक योग्यता के भी किसी यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर बन सकते हैं। साथ ही अगर आप किसी संगठन के सदस्य हैं तो आपको चुनाव लड़ने की भी जरूरत नहीं है और आपको बिना चुनाव लड़े ही विजेता घोषित कर दिया जाएगा। राज्य के विश्वविद्यालयों को निर्देश हैं कि वह नए कुलपति की नियुक्ति में कुलाधिपति यानी कि राज्यपाल के साथ सहयोग ना करें। राज्यपाल ने कहा कि मैंने दो सदस्यों के साथ इस दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश की थी लेकिन उस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी, ऐसे में मैं क्या कर सकता हूं?'

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विश्वविद्यालय कानून विधेयक को लेकर जताई नाराजगी
इससे पहले सोमवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विश्वविद्यालय कानून संशोधन विधेयक, 2022 को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह संविधान की भावना के खिलाफ है। राज्यपाल ने आरोप लगाए कि राज्य के विश्वविद्यालयों को सरकार द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है। आधे से ज्यादा विश्वविद्यालयों में कोई नियमित कुलपति नहीं है। बता दें कि राज्य सरकार ने बीते साल 13 दिसंबर को विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक 2022 को विधानसभा में पारित कराया था।

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इस नए कानून के तहत मुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता और तीन सदस्यीय समिति के द्वारा एक नए कुलपति की नियुक्ति की जा सकती है। विपक्ष का आरोप है कि यह कानून राज्यपाल की शक्तियों को कम करेगा। बता दें कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और राज्य की वामपंथी सरकार कुलपतियों की नियुक्ति के मुद्दे पर लंबे समय से एक दूसरे के आमने-सामने हैं। 

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