केरल सीएम पिनराई विजयन और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन
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केरल की वाममोर्चा सरकार ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए विदेश सहयोग सचिव नियुक्त किया है। के वासुकी नाम की महिला आईएएस अधिकारी को यह पद सौंपा है। भाजपा ने पी विजयन सरकार पर अपना विदेश सचिव नियक्त करने का आरोप लगाते हुए इसे संघीय सूची का उल्लंघन बताया है। साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी से पूछा है कि वे बताएं कि यह जय संविधान है या संविधान का अपमान है। राज्य सरकार ने कहा है कि यह व्यवस्था पहले से चली आ रही है।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने केरल सरकार की ओर से वासुकी को विदेश सचिव नियुक्त करने की आलोचना करते हुए पूछा कि अब ये आगे क्या करेंगे? उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के अधिकारों में हस्तक्षेप करने वाली ये सरकार क्या अब रक्षा मंत्री की नियुक्ति करेगी? भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुंदरन ने कहा कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को राज्य को एक स्वतंत्र देश नहीं मानना चाहिए। वहीं, इस आरोप पर केरल के मुख्य सचिव वेनु वी ने सोशल मीडिया पोस्ट में सफाई दी। उन्होंने कहा, राज्य में बाहरी सहयोग विभाग कुछ समय से अस्तित्व में है और अन्य देशों से राज्य में आने वाले प्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय के लिए बनाया गया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि विदेश सहयोग प्रभाग का प्रभार पहले पूर्व ओएसडी वेणु राजमोनी के पास था। 2023 में प्रमुख सचिव, उद्योग सुमन बिल्ला को इस का प्रभार सौंपा गया। बिल्ला के केंद्रीय सेवाओं में जाने के बाद उस प्रभाग की जिम्मेदारी के वासुकी को सौंपी गई है जो श्रम और कौशल विभाग की सचिव हैं।