केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक एम मुरली का 72 साल की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्होंने तिरुवनंतपुरम के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।
Congress Leader M Murali Passes Away: केरल कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक एम मुरली का 72 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने गुरुवार को तिरुवनंतपुरम के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। मुरली 1991 से 2011 तक लगातार 20 साल तक मावेलिक्करा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। वे अपने छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय थे और पार्टी में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।
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एम मुरली अलप्पुझा जिले के मावेलिक्करा में चेरुकोले के रहने वाले थे। उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन 1969 में केरल छात्र संघ (केएसयू) के सदस्य के रूप में शुरू किया था। 1972 में वे अलप्पुझा जिले में केएसयू के महासचिव बने। इसके बाद 1977 में उन्हें जिला अध्यक्ष और 1980 में केएसयू केरल का अध्यक्ष चुना गया।
इसके बाद वे युवा कांग्रेस में भी सक्रिय रहे। मुरली 1982 से सात साल तक केरल युवा कांग्रेस के महासचिव के पद पर रहे। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कांग्रेस पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए लगातार काम किया।
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कई अहम पदों पर किया काम
विधायक रहने के अलावा मुरली ने कई अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी निभाईं। वे कोट्टायम में महात्मा गांधी विश्वविद्यालय के पहले सीनेट के सदस्य थे। वे केरल राज्य बिजली बोर्ड की सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे। इसके अलावा, उन्होंने केरल राज्य वित्तीय उद्यम के निदेशक मंडल और केरल राज्य युवा कल्याण बोर्ड के सदस्य के रूप में भी काम किया।
निधन के समय वे केपीसीसी कार्यसमिति के सदस्य थे। साथ ही वे कांग्रेस पार्टी की राजीव गांधी पंचायती राज समिति के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी काम कर रहे थे। कांग्रेस नेता ए ए शुक्कुर ने बताया कि कोविड के बाद से मुरली को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं। गुरुवार सुबह उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद अस्पताल में उनका निधन हो गया।
एम मुरली के परिवार में उनकी पत्नी के एस रेमा देवी और तीन बेटे मिथुन, मृदुल और मृणाल हैं। उनके पार्थिव शरीर को तिरुवनंतपुरम स्थित केपीसीसी कार्यालय में रखा जाएगा। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह नगर मावेलिक्करा ले जाया जाएगा।