नया केरल बनाने की है परियोजना
राज्य के मुख्यमंत्री पी विजयन कह चुके हैं कि उनका राज्य इस आपदा से उपजी परिस्थितियों को नया केरल बनाने की चुनौती के तौर पर लेगा। इसी वजह से सभी विधायकों की बैठक बुला ली गई है। हर क्षेत्र के लिए अलग-अलग योजना बनाई जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब पानी उतर रहा है। नदियां किनारों की ओर लौट रही हैं। लोग राहत कैंप छोड़कर अपने घर पहुंचे तो यहां उनकी एक अलग जद्दोजहद शुरू हुई। घर के भीतर कीचड़ जम चुका है। सामान खराब हो चुके हैं। लोग इन्हें समेटकर, साफ-सफाई करके वापस गृहस्थी जमा रहे हैं।
बाढ़ की विभत्सा झेल कर लौटे लोगों में एक चीज बदली है वह है लोग आगे बढ़कर एक दूसरे की मदद कर रहे हैं। मदद से कोई पीछे नहीं हट रहा। घर का जो भी सामान खराब हो गया है, उसे केरल की किसी बड़ी-छोटी दुकान पर छूट के साथ मरम्मत किया जा रहा है। केरल के जो लोग राज्य या देश से बाहर जाकर बस गए हैं, वो भी किसी न किसी रूप में मदद भेज रहे हैं।
देशभर के साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों मुख्यमंत्री राहत कोष में 738 करोड़ से अधिक राशि भेज चुके हैं। मलप्पुरम में एक स्कूल के 50 से ज्यादा बच्चे जिला कलेक्टर अमित मीना के पास पहुंचे और उन्हें अपना पिग्गी बैंक डोनेट किया। कासरगोड के 450 निजी बस ऑपरेटरों ने तय किया है कि वे अपनी एक दिन की कमाई रिलीफ फंड के लिए देंगे।
15 दिन बाद कोच्चि एयरपोर्ट शुरू
कोच्चि एयरपोर्ट का संचालन बुधवार को शुरू हो गया। बाढ़ की वजह से एयरपोर्ट में 4 मीटर तक पानी भर गया था। एयरपोर्ट के सबस्टेशन, सभी जनरेटर और सिस्टम डूब गए थे। रडार, नेवीगेशन सिस्टम भी प्रभावित हो गया था। इससे एयरपोर्ट को करीब 300 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। फैक्ट कोच्चि एयरपोर्ट ओवरऑल ट्रैफिक के लिहाज से सातवां, अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक के लिहाज से दिल्ली, मुंबई और चेन्नई के बाद चौथा एयरपोर्ट है। यहां के 55 फीसदी यात्री अंतरराष्ट्रीय हैं।