फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोनिया गांधी के खिलाफ FIR, बिल न चुकाने का आरोप

Wed, 08 Jun 2016 03:11 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ केरल के तिरुअनंतपुरम में भुगतान न करने के एक मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसमें उनके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को भी आरोपी बनाया गया है। 
विज्ञापन


अंग्रेजी वेबसाइट NEWS18 के अनुसार मुकदमा केरल के एक कांट्रेक्टर की ओर से दर्ज कराया गया है। मुकदमा दर्ज कराने वाले मैसर्स हीथ कंस्ट्रक्‍शन के मैनेजिंग पार्टनर राजीव की ओर से बताया गया कि उन्हें केरल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की ओर से राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज के भवन निर्माण का ठेका दिया गया था। भवन बनकर तैयार भी हो गया, लेकिन इसमें आई लागत का भुगतान उन्हें नहीं किया गया।

पार्टी सूत्रों के अनुसार आपसी झगड़े के कारण कांट्रेक्टर का भुगतान अटक गया। वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कहना है कि उनके पास पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चेनिनथाला द्वारा शुरू करवाए गए इस प्रोजेक्ट के भुगतान के ‌लिए पैसा ही नहीं है, ऐसे में भुगतान कैसे किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा भुगतान के लिए पैसा नहीं, इंस्टीट्यूट की भी जरूरत नहीं

कांग्रेस के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीएम सुधीरन का कहना है कि न पार्टी के पास इसका भुगतान करने के लिए पैसा है न ही इस इंस्टीट्यूट की कोई जरूरत  है।

बता दें कि अक्टूबर 2005 में खुद सोनिया गांधी ने इस इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया था। कंपनी का भुगतान न होने की जानकारी उनके पास भी पहुंची थी जिस पर उन्होंने प्रदेश कमेटी को इसका भुगतान करने का निर्देश दिया था। लेकिन पार्टी ने इस मामले को बहुत हल्के में लिया और कांट्रेक्टर का भुगतान नहीं किया गया। जिसके बाद राजीव की ओर से मामले में सोनिया गांधी, इंस्टीट्यूट के चेयरमैन रमेश चैनिनथाला, पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी और केरला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष वीएम सुधीरन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया।

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज होते ही पार्टी की ओर से आनन फानन में उनका पक्ष रखा गया। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यह मामला भवन का निर्माण करने वाली कंपनी और इंजीनियर के बीच विवाद का है। इंस्टीट्यूट का निर्माण प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की ओर से शोध को बढ़ावा देने के‌ लिए करवाया गया था। इस मामले से एआईसीसी का कोई लेना देना नहीं है। सुरजेवाला ने दावा किया कि 24 घंटे में यह मामला निपटा लिया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें