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Kerala Election Result: चांडी ओमन के 'साइकिल अभियान' ने रचा इतिहास, रिकॉर्ड मतों से हासिल की जीत

Mon, 04 May 2026 04:54 PM IST
नितिन गौतम आईएएनएस, तिरुवनंतपुरम

सार

केरल के पूर्व सीएम ओमन चांडी के बेटे चांडी ओमन ने इस चुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की है। हालांकि उनकी ऐतिहासिक जीत से ज्यादा उनके चुनाव प्रचार के तरीकों की चर्चा हो रही है। 
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चांडी ओमन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विरासत, सादगी और राजनीतिक रफ्तार का अनोखा संगम पेश करते हुए चांडी ओमन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। चांडी ओमान ने 50 हजार से ज्यादा मतों से जब उनकी बढ़त 50,000 के आंकड़े को पार कर गई। दो बार के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत ओमन चांडी के बेटे चांडी ओमन का चुनाव अभियान इस बार के शोरगुल और प्रतिस्पर्धा से भरे चुनावी मौसम में अलग पहचान बनाकर उभरा।
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चांडी ओमन ने अपने खास चुनाव प्रचार से बनाई अलग पहचान
परंपरागत तामझाम से दूरी बनाते हुए उन्होंने बेहद सादगीपूर्ण और लो-प्रोफाइल अभियान चलाया। प्रचार सामग्री का न्यूनतम इस्तेमाल करते हुए उन्होंने सीधे मतदाताओं से संवाद पर भरोसा जताया। जहां अधिकांश उम्मीदवार एसयूवी और बड़े काफिलों के जरिए अपने क्षेत्रों में प्रचार कर रहे थे, वहीं चांडी ओमन ने संपर्क का साधन एक साधारण साइकिल को बनाया। गांवों और कस्बों की सड़कों पर साइकिल चलाते हुए उनकी तस्वीर जल्द ही उनके अभियान की पहचान बन गई। इस अभियान ने उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनाई, जो सुलभ, जमीनी और व्यक्तिगत जुड़ाव पर जोर देता है।

इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर तब और सुर्खियां मिलीं, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनके साथ साइकिल यात्रा में हिस्सा लिया, जिससे सादगी और जनसंपर्क का संदेश और व्यापक हुआ। उनकी इस जीत में भावनात्मक पहलू भी गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके पिता ओमन चांडी ने 1970 से लेकर दो वर्ष पहले अपने निधन तक लगातार पुथुप्पल्ली सीट का प्रतिनिधित्व किया और कभी चुनाव नहीं हारे।
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रिकॉर्ड मतों से हासिल की जीत
ओमन चांडी की सबसे बड़ी जीत का अंतर 30,000 से कुछ अधिक वोटों का रहा था। यह एक ऐसा रिकॉर्ड था, जिसे चांडी ओमन ने पिता के निधन के बाद हुए उपचुनाव में ही पीछे छोड़ दिया था। अब 50,000 से अधिक वोटों से जीत हासिल करके चांडी ओमन ने अपने पिता की विरासत को और मजबूत किया है।

पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक इस जनादेश को जहां एक दिग्गज नेता को श्रद्धांजलि के रूप में देख रहे हैं, वहीं इसे अपनी अलग पहचान बनाने वाले नई पीढ़ी के नेता के प्रति समर्थन भी मान रहे हैं। अपनी सादगीपूर्ण सार्वजनिक छवि के लिए जाने जाने वाले चांडी ओमन को अब नई सरकार में मंत्री बनाए जाने की व्यापक संभावना जताई जा रही है। केरल के इस स्पष्ट जनादेश के बीच उनकी कहानी सिर्फ जीत के अंतर के लिए नहीं, बल्कि उसे हासिल करने के तरीके के लिए भी खास बन गई है।
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