केरल के मंत्री मोहम्मद रियास ने कहा कि नई नीति इस साल ही लागू की जाएगी। उन्होंने कहा, नीति के सुझावों में सुझावों में ऑटो-रिक्शा को एक उत्पाद के रूप में और ड्राइवरों को पर्यटन के राजदूत के रूप में माना जाना शामिल है।
केरल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तैयार मसौदा डिजाइन नीति में ऑटो-रिक्शा के उपयोग को बढ़ावा देने का प्रस्ताव है। रविवार को एक कार्यशाल में पेश की गई नीति में कहा गया है कि ऑटो रिक्शा और उसके चालकों को केरल में 'पर्यटन के एंबेसडर' के रूप में बढ़ावा देने की सिफारिश की गई है।
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यह कार्यशाला पर्यटन और लोक निर्माण विभागों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई थी। शनिवार को यहां मंत्री पीए मोहम्मद रियास के समक्ष मसौदा नीति प्रस्तुत की गई। अहमदाबाद में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन के निदेशक, प्रोफेसर प्रवीण नाहर ने मसौदा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, राज्य को पुलों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों जैसे बुनियादी ढांचे को डिजाइन करते समय उपयोगिता और सौंदर्य अपील को बढ़ाने की आवश्यकता है। डिजाइन बाय फ्यूचर' नामक कार्यशाला द्वारा जारी मसौदा नीति में केरल के सभी पर्यटन स्थलों को महिलाओं, बच्चों और पैदल चलने वालों के अनुकूल बनाने की भी सिफारिश की गई है।
इस साल ही लागू होगी नई नीति
केरल के मंत्री मोहम्मद रियास ने कहा कि नई नीति इस साल ही लागू की जाएगी। उन्होंने कहा, नीति के सुझावों में सुझावों में ऑटो-रिक्शा को एक उत्पाद के रूप में और ड्राइवरों को पर्यटन के राजदूत के रूप में माना जाना शामिल है। रियास ने कहा कि वह एक डिजाइन नीति लाने की योजना के बारे में सोशल मीडिया पर सकारात्मक प्रतिक्रिया से अभिभूत है।