बुधवार को केरल में एक 37 वर्षीय महिला ने एक अस्पताल के ठीक बाहर सार्वजनिक बस में एक बच्ची को जन्म दिया।
केरल के एक अस्पताल के बाहर खड़ी महिला का प्रसव बस के अंदर ही कराया। डॉक्टर ने बताया महिला अस्पताल आने में संभव नहीं थी, इसलिए बस में ही प्रसव कराना पड़ा।
केरल के एक अस्पताल के बाहर खड़ी महिला का प्रसव बस के अंदर ही कराया। डॉक्टर ने बताया महिला अस्पताल आने में संभव नहीं थी, इसलिए बस में ही प्रसव कराना पड़ा।
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बुधवार को 37 वर्षीय महिला सेरेना अपने पति के साथ केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बस में त्रिशूर से कोझिकोड जा रही थीं। तभी अचानक महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उसकी स्थिति और आपातस्थिति को देखते हुए, बस सीधे त्रिशूर के अमला अस्पताल पहुंची।
वहां सेरेना के पति ने डॉक्टर को बुलाया। सेरना को देखने के बाद डॉक्टरों और नर्सों को एहसास हुआ कि उसे अस्पताल में नहीं ले जा सकते। डॉक्टरों का कहना है कि सेरेना की प्रसव पीड़ा के अंतिम चरण पर थी। इसलिए डॉक्टरों ने बस के अंदर ही प्रसव कराने का निर्णय लिया। डॉक्टरों और नर्सों को महिला का प्रसव कराने के लिए बस से यात्रियों को बाहर निकाला गया।
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अमाला अस्पताल के डॉ. यासिर सुलेमान ने बताया, "प्रसव पीड़ा की पहले ही शुरू हो गई थी। उस समय, हम महिला को आपातकालीन विभाग में नहीं ले जा सकते थे। डॉक्टर ने बताया कि बच्चे को बाहर निकालना पड़ा और वहीं गर्भनाल काटनी पड़ी। हमने सुनिश्चित किया कि बच्चा और माँ सुरक्षित रहें। उन्होंने बताया कि अभी दोनों महिला और बच्ची स्वस्थ हैं।
बच्चे को एनआईसीयू (नियो-नेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) में स्थानांतरित कर दिया गया है, महिला भी डॉक्टरों की निगरानी में है। वहीं सोशल मीडिया पर भी तस्वीरें और वीडियो भी शेयर की गई हैं। जिसमें बस अस्पताल के बाहर खड़ी दिखाई दे रही है। वहीं कर्मचारी मां और बच्चे की मदद के लिए दौड़ते हुए आ रहे हैं।