उसने बताया कि उसे अफगानिस्तान के निमरूज में भेजा गया। जहां उसने अपने दोस्त अश्फाक से संपर्क किया। जिसके बाद उसने अज्ञात व्यक्ति अबु अली को वहां भेजा। अली उसे लेकर ही जाता इतने ही अफगान सिक्योरिटी फोर्स आ गई और उसे कस्टडी में ले लिया। उसने कई बार झूठ कहा कि वह अफगानी है लेकिन फोर्स को पता चल गया कि वह भारतीय है। सुरक्षाकर्मियों ने उसे अश्फाक और शिहास की तस्वीरें दिखाईं, उसने कहा कि वह उसके दोस्त हैं। इसके बाद उसे अफगान इंटेलिजेंस जेल भेजा गया, जहां वह 3 महीने तक कस्टडी में रहा। इसके बाद उसे अमेरिकी जेल बगराम भेजा गया, यहां उसके बॉयोमीट्रिक्स लिए गए और 3 महीने तक कस्टडी में रखा गया। जिसके बाद उसे भारत भेजा गया।