अलुवा में 2023 में एक नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में फांसी की सजा पाए बिहार निवासी व्यक्ति पर त्रिशूर के विय्यूर केंद्रीय कारागार में एक कैदी ने हमला कर दिया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, इस घटना को लेकर विय्यूर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। यह मामला अशफाक आलम (30 वर्षीय) की शिकायत पर दर्ज किया गया। एर्नाकुलम की अतिरिक्त सत्र अदालत ने उसे नवंबर 2023 में फांसी की सजा सुनाई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम करीब चार बजे आलम पर कैदी राहीलाल ने चम्मच से हमला किया और उसके साथ मारपीट की। यह घटना जेल के डी-ब्लॉक की चौथी कोठरी के सामने गलियारे में हुई।
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प्राथमिकी में कहा गया है कि कोट्टायम निवासी राहीलाल एक अन्य आपराधिक मामले में जेल में बंद है। उसने आलम को रोका और कहा- तू हत्या के मामले में आरोपी है। इसके बाद उसने चम्मच से आलम के सिर और चेहरे पर हमला किया और गालियां दीं। इसके बाद जेल अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और आलम को प्राथमिक उपचार दिया। भविष्य में किसी भी झड़प को रोकने के लिए राहीलाल को दूसरी कोठरी में भेज दिया गया है।
आलम की शिकायत के आधार पर विय्यूर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118 (1) (घातक हथियार और साधन से चोट पहुंचाना) और 296 (बी) (अश्लील कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया। मामले से जुड़े दस्तावेज बताते हैं कि 28 जुलाई 2023 को आलम ने बिहार मूल के दंपती की पांच साल की बेटी को अगवा किया था और उसे अलुवा बाजार के पीछे कूड़े के ढेर वाली जगह पर ले गया। वहां उसने बच्ची से दुष्कर्म किया और दम घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
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बच्ची की गुमशुदगी की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आलम को अलुवा से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसी की निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद किया। जांच में यह भी सामने आया कि दिल्ली में रहने के दौरान आलम ने एक और नाबालिग के साथ यौन शोषण की कोशिश की थी।