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Kerala: कोर्ट ने शिक्षक को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई, ऑटिस्टिक नाबालिग के यौन उत्पीड़न का मामला

Sat, 31 Jan 2026 11:06 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम।

सार

Kerala: केरल की अदालत ने 10 वर्षीय ऑटिस्टिक नाबालिग के यौन उत्पीड़न के मामले में शिक्षक संतोष कुमार को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। अभियुक्त को पॉक्सो, किशोर न्याय अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया गया। पूरा मामला क्या है, पढ़ें रिपोर्ट-
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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केरल की एक अदालत ने 10 वर्षीय ऑटिस्टिक लड़के के यौन उत्पीड़न के मामले में एक शिक्षक को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। हालांकि अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत कुल 161 साल की कारावास की सजा और 87,000 रुपये का जुर्माना लगाया है, लेकिन यह निर्देश दिया है कि सजाएं साथ-साथ चलेंगी, जिसके परिणामस्वरूप कुल कारावास की अवधि 20 साल होगी।
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आरोपी विभिन्न धाराओं के तहत पाया गया दोषी
तिरुवनंतपुरम फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की न्यायाधीश अंजू मीरा बिरला ने पौदिकोनम निवासी आरोपी संतोष कुमार को यौन अपराधों से बाल संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो), किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया।

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अभियोजन पक्ष को मुआवजा देने का आदेश
  • अदालत ने पीड़ित को हुए मानसिक कष्ट को ध्यान में रखते हुए मुआवजा देने का भी आदेश दिया।
  • अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने बच्चे की दुर्दशा का फायदा उठाया और जुलाई 2019 में स्कूल के बाथरूम में उसका यौन उत्पीड़न किया।
  • यह घटना तब सामने आई जब माता-पिता ने बच्चे के व्यवहार में बदलाव देखा, जो शुरू में इस उत्पीड़न के बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ था।
  • मुकदमे की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों से पूछताछ की, 37 दस्तावेज पेश किए और छह भौतिक वस्तुओं को चिह्नित किया।

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