Sabarimala Gold Case: केरल की एक अदालत से सबरीमाला सोना चोरी के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को वैधानिक जमानत दे दी है, जिसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
सबरीमाला सोना चोरी मामले में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को कोल्लम की विजिलेंस कोर्ट से वैधानिक जमानत मिली है। विजिलेंस अदालत ने बुधवार को सोने के कथित गबन के दूसरे मामले में पोट्टी को वैधानिक जमानत दे दी। इससे पहले 21 जनवरी को द्वारपालक मूर्तियों की प्लेटों से सोने के कथित गबन से जुड़े मामले में कानूनी जमानत मिल चुकी मिली थी।
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चार्जशीट दाखिल नहीं, मिली वैधानिक जमानत
विजिलेंस कोर्ट ने उन्हें यह राहत इसलिए दी है, क्योंकि सबरीमाला सोने के नुकसान से जुड़े मामलों की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद तय 90 दिनों के अंदर दोनों मामलों में अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है।
एसआईटी का प्रतिनिधित्व कर रहे सरकारी वकील सिजू राजन ने पोट्टी को जमानत दिए जाने का विरोध किया था। ऐसे में दोनों मामलों में जमानत मिलने से पोट्टी के जेल से रिहा होने का रास्ता साफ हो गया है।
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दो पूर्व टीडीबी अधिकारियों को भी मिल चुकी जमानत
इसी तरह की राहत पहले ही त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों बी मुरारी बाबू और एस श्रीकुमार को मिल चुकी है, क्योंकि तय समय के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं की गई थी। श्रीकुमार को श्रीकोविल के दरवाजों के फ्रेम से सोने के नुकसान से जुड़े दूसरे मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है।
इनके अलावा TDB के कार्यकारी अधिकारी डी सुधीश कुमार को भी सोमवार को इसी आधार पर यही राहत मिली। बता दें कि एसआईटी ने इस पूरे मामले में दो पूर्व टीबीडी अध्यक्षों सहित 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।