केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन
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केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को स्कूल की पाठ्यपुस्तकों से प्रमुख अंशों को हटाने के लिए एनसीईआरटी की कड़ी आलोचना की। इससे पहले, केरल सरकार ने बुधवार को कहा था कि राज्य सरकार 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए अतिरिक्त पाठ्यपुस्तकें लाएगी। हमला बोलते हुए सीएम पिनाराई विजयन ने कहा कि एनसीईआरटी का कदम नफरत और दुश्मनी में निहित समाज बनाने के राजनीतिक इरादे से था।
उन्होंने कहा कि यह प्रयास छात्रों के सामाजिक और ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य को बदल देगा और समाज को खतरे में डाल देगा, जो धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे के आदर्शों पर कायम है। आगे कहा कि युक्तिकरण के नाम पर किए गए ऐसे किसी भी पाठ्यपुस्तक सुधार के खिलाफ अतिरिक्त सतर्कता बरती जानी चाहिए। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन एक सरकारी स्कूल में आयोजित पाठ्यपुस्तकों के लांन्च के एक समारोह के दौरान बोल रहे थे।
सीएम विजयन ने कहा कि मुगल इतिहास को पाठ्यक्रम से हटा दिया है, जो बच्चों में यह भावना पैदा करेगा कि यह देश एक विशेष वर्ग का है। धार्मिक राज्य बनाने के लिए सामाजिक सच्चाइयों को नकारना जरूरी है और यही प्रयास किया जा रहा है। हमें इस तरह के कदमों के खिलाफ बहुत सतर्क रहना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा यह सुनिश्चित करना बहुत महत्वपूर्ण है कि हमारे बच्चे स्कूलों से वैज्ञानिक ज्ञान प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि पूरक पाठ्यपुस्तकों का विमोचन उस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र आदि विषयों के अपरिहार्य अंशों को शामिल करने के बाद पूरक पाठ्यपुस्तकें लाई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि एनसीईआरटी तर्कसंगतता के नाम पर राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा क्षेत्र में कई एकतरफा हस्तक्षेप कर रहा है।