केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शैक्षणिक संस्थानों में मुस्लिम लड़कियों के हिजाब पहनने के अधिकार को लेकर उठे विवाद की बुधवार को निंदा की। उन्होंने कहा कि बच्चों के मन में सांप्रदायिक जहर भरने की कोशिश की जा रही है। दरअसल, विजयन कर्नाटक में हिजाब विवाद और बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के खिलाफ कथित सोशल मीडिया अभियान पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे। शाहरुख के प्रसिद्ध गायिका लता मंगेशकर को अंतिम सम्मान के दौरान विवाद खड़ा हुआ था।
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि हमारे शैक्षणिक संस्थान धर्मनिरपेक्षता के लिए उपजाऊ जमीन बनें। इसकी बजाय बच्चों के मन में सांप्रदायिक जहर डालने का प्रयास किया जा रहा है। यह बहुत खतरनाक है। विजयन ने कहा कि शाहरुख खान के खिलाफ सांप्रदायिक हमला एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने लोगों से देश में धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए कदम उठाने का आग्रह किया।
जानिए क्या है हिजाब विवाद
- हिजाब विवाद की शुरुआत पिछले साल 31 दिसंबर को हुई थी, जब उडुपी के सरकारी पीयू कॉलेज में हिजाब पहन कर आई छह छात्राओं को कक्षा में प्रवेश करने से रोक दिया गया था।
- कॉलेज प्रशासन ने 19 जनवरी 2022 को छात्राओं, उनके माता-पिता और अधिकारियों के साथ बैठक की थी। लेकिन इस बैठक का कोई परिणाम नहीं निकला था।
- इसके बाद 26 जनवरी को एक बार फिर बैठक की। उडुपी के विधायक रघुपति भट ने कहा कि जो छात्राएं बिना हिजाब के स्कूल नहीं आ सकती हैं वो ऑनलाइन पढ़ाई करें।
- 27 जनवरी को छात्राओं ने ऑनलाइन माध्यम से कक्षा में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद दो फरवरी को उडुपी के कुंडापुर में सरकारी कॉलेज में भी हिजाब पर विवाद शुरू हो गया।
- तीन फरवरी को पीयू कॉलेज में हिजाब पहनकर आने वाली छात्राओं को फिर से रोका गया। इसके बाद पांच फरवरी को कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी हिजाब पहनकर स्कूल आने वाली मुस्लिम छात्राओं के समर्थन में आए।
- पांच फरवरी को राज्य सरकार ने कर्नाटक शिक्षा अधिनियम 1983 की धारा 133(2) लागू कर दी। इसके अनुसार सभी छात्र-छात्राओं के लिए कॉलेज में तय यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य कर दिया गया।
- आठ फरवरी को विवाद ने हिंसक रूप से लिया। कर्नाटक में कई जगहों पर झड़पें हुईं। कई जगहों से पथराव की खबरें भी सामने आईं।
- हाईकोर्ट में 9 फरवरी को जस्टिस कृष्णा दीक्षित की एकल पीठ ने इस मामले को बड़ी बेंच के पास भेज दिया। इससे पहले मंगलवार को सीएम बसवराज बोम्मई ने राज्य में सभी हाईस्कूलों और कॉलेजों को तीन दिनों के लिए बंद करने का आदेश जारी किया था।