नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को लेकसभा में कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि और बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्या बन गई हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इन दो प्रमुख मुद्दों के समाधान के लिए जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए। आम बजट पर चर्चा के तीसरे दिन बहस की शुरुआत करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि देश के युवाओं के पास उच्च शिक्षा की डिग्रियां हैं लेकिन नौकरियां नहीं हैं। उनके पास नौकरी नहीं है ऐसे में कई युवा तनाव में हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि सभी आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान पर हैं और इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं इसका असर सभी वस्तुओं पर पड़ रहा है क्योंकि इनमें से अधिकतर वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना होता है जिसमें ईंधन का उपयोग होता है। उन्होंने केंद्र सरकार से कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों पर कर को तुरंत कम करना चाहिए और जनता को राहत देनी चाहिए।
उन्होंने कहा, 'अब गरीब और गरीब हो रहे हैं वहीं अमीर लोग और अमीर होते जा रहे हैं।' अब्दुल्ला ने कहा कि गरीबों की जीवनरेखा और रोजगार उत्पन्न करने वाली योजना मनरेगा के लिए आवंटित किए जाने वाली धनराशि को कम कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस योजना में और धन आवंटित करना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में चल रही बिजली परियोजना में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हों।
इसके साथ ही कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए अब्दुल्ला ने केंद्र की सराहना भी की। उन्होंने कहा हम आपके शत्रु नहीं हैं, लेकिन हम आपको कुछ बेहतर सुझाव दे सकते हैं। पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की मांग करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में लोग पर्यटन से जुड़े हुए हैं और यह कदम उन्हें बहुत लाभ पहुंचाएगा। उन्होंने प्रदेश के स्थानीय सेब उगाने वाले लोगों के हितों की रक्षा करने की अपील भी की, जो विदेश से फल आयात होने के चलते खासे प्रभावित हुए हैं।